रामनगर के पाटकोट में पहली बार भव्य ‘श्री जानकी कथा’ का ऐतिहासिक आयोजन, 12 वर्षीय बाल व्यास वैदेहीनंदन ने किया कथा वाचन।

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*शनिवार को रामनगर के (सीतावनी) के पाटकोट स्थित सीता-वाल्मीकि आश्रम में रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में प्रथमबार भव्य श्री जानकी कथा का आयोजन किया गया।*

 सांसद अजय भट्ट ने बताया कि रामनगर के सीतावनी क्षेत्र में शनिवार को पहली भव्य श्रीजानकी कथा का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक कथा का वाचन 12 वर्षीय बाल व्यास वैदेहीनंदन वेदांत जी द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भव्य आयोजन रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसका उद्देश्य माँ सीताजी के त्याग, तप, मर्यादा एवं प्रेरणादायी जीवन-आदर्शों को गांव-गांव तक पहुंचाना तथा समाज में सनातन संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों का प्रसार करना है।

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        सांसद श्री भटट ने कहा कि मां सीता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि नारी सम्मान और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा भी हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही “सीता सखी समिति” का गठन कर देशभर की महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

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         श्री भटट ने कहा कि सीतावनी को इसलिए चुना गया क्योंकि इसे रामायण काल से जुड़ा पवित्र स्थल माना जाता है। सांसद ने कहा कि मां सीता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि नारी सम्मान और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा भी हैं।

       श्री जानकी कथा में व्यास वैदेहीनंदन वेदांती जी के मुखारविंद से कथा का रसपान कर उपस्थित श्रद्धालुगण मंत्रमुग्ध हो गए। आचार्य जी ने माता जानकी के पावन चरित्र और आदर्शों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। 

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        कार्यक्रम में आचार्य नमन कृष्ण महाराज, संस्थापक हनुमान धाम छोई आचार्य विजयश्री,विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट,नैनीताल सरिता आर्या के साथ ही बडी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।

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