गुलदार का आतंक चरम पर: मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। ताजा मामला चंपावत जिले के बाराकोट क्षेत्र का है, जहां ग्राम सभा चुयरानी के धरगड़ा तोक में मंगलवार सुबह गुलदार ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। एक महीने के भीतर इस इलाके में यह दूसरा हमला है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं।

मृतक 45 वर्षीय देव सिंह अधिकारी पुत्र कल्याण सिंह अधिकारी सुबह शौच के लिए घर से बाहर गए थे। इसी दौरान गुलदार ने उन पर धावा बोल दिया। हमले के बाद गुलदार शव को करीब 30 मीटर ऊपर तक घसीटकर ले गया। ग्रामीणों ने सूचना दी तो वन विभाग टीम और प्रशासन मौके पर पहुंचा।

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ग्रामीणों के अनुसार घटना से एक दिन पहले सोमवार शाम गुलदार ने देव सिंह की पत्नी पर भी हमला करने की कोशिश की थी। देव सिंह अपने पीछे पत्नी और 9 व 10 वर्ष के दो बेटे छोड़ गए हैं।

लगातार बढ़ते हमलों से लोग आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि गुलदार को तुरंत नरभक्षी घोषित कर उसे मार गिराया जाए। जनप्रतिनिधियों ने भी जिलाधिकारी से वन विभाग को कड़े कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है।

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जिलाधिकारी मनीष कुमार स्वयं मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने वन विभाग को विशेष निगरानी, पिंजरे लगाने, गश्त बढ़ाने और ड्रोन कैमरे से क्षेत्र की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

एसडीओ वन विभाग सुनील कुमार ने बताया कि गुलदार की खोज में पिंजरे लगाए जा रहे हैं और गश्त बढ़ाई गई है। जल्द ही ट्रैप कैमरे व ड्रोन कैमरे भी तैनात किए जाएंगे।

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वन अधिनियम के अनुसार मृतक परिवार को राहत राशि दी जाएगी। विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने, अकेले न निकलने और बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की अपील की है।

मृतक देव सिंह अधिकारी जल संस्थान में पीटीसी पद पर तैनात थे और परिवार का भरण-पोषण मजदूरी कर भी करते थे। इलाके में तनाव और भय का माहौल बना हुआ है।

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