हल्द्वानी दंगा- मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी आपत्तियां

ख़बर शेयर करें -

हल्द्वानी दंगा मामले के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पर सोमवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस याचिका पर आपत्तियां पेश करने के लिए दो हफ्तों का समय दिया है। अगली सुनवाई इसी अवधि के बाद निर्धारित की गई है। 

अब्दुल मलिक ने अपनी जमानत याचिका में आरोप लगाया है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं और वह घटना के दिन घटना स्थल पर मौजूद नहीं था। उसने दलील दी कि उसके खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और अन्य धाराओं के तहत लगाए गए आरोप गलत हैं। 

यह भी पढ़ें 👉  एससी-एसटी अत्याचार निवारण: प्रभावितों को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करे प्रशासन — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

राज्य सरकार ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए जवाब देने के लिए समय की मांग की। सरकार की ओर से पेश की गई आपत्ति के आधार पर अदालत ने दो हफ्ते का समय दिया है। 

यह भी पढ़ें 👉  श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी: भगवान बदरीविशाल की पूजा-अर्चना कर मास्टर प्लान कार्यों का लिया जायजा; 'देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल' और कथा महोत्सव में हुए शामिल

अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पहले एकलपीठ द्वारा खारिज की जा चुकी थी। इसके बाद आरोपी ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ में अपील की। खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और एकलपीठ की खारिजी को चुनौती दी। 

यह मामला 8 फरवरी को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के दौरान उत्पन्न हुए दंगे से जुड़ा है। दंगे में एक विशेष समुदाय के लोगों ने बनभूलपुरा थाना में आगजनी, तोड़फोड़ और हमले किए थे, जिससे 5 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में लगभग 100 लोगों को गिरफ्तार किया है और अब्दुल मलिक के खिलाफ यूएपीए सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

Ad_RCHMCT