बच्चे बेरोजगार हैं तो पेंशन देने का नियम लागू करने पर विचार किया जा रहा है-समाज कल्याण मंत्री

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राज्य में पेंशन धारकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है जानकारी के अनुसार चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने एक बार फिर उत्तराखंड में अपनी सरकार बना दिया जिसके बाद सरकार ने आते ही पति पत्नी दोनों को वृद्धावस्था पेंशन दिए जाने को लेकर आदेश तो किया लेकिन इसके मानक आड़े आ गए, लिहाजा अब सरकार इसे सरल करने जा रही है। दरसल समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन के मानक को सरल करना इतना जरूरी हो गया है

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क्योंकि शासनादेश में बच्चों के बालिग होने पर पेंशन न देने का प्रावधान रखा गया है। इसलिए समाज कल्याण मंत्री चंदन राम दास के अनुसार अगर बच्चे बेरोजगार हैं तो पेंशन देने का नियम लागू करने पर विचार किया जा रहा है । और समाज कल्याण सचिव को कैबिनेट में प्रस्ताव बनाने का निर्देश भी दिया गया है।

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दरअसल 29 मार्च को ही वृद्धावस्था पेंशन को लेकर सरकार ने बड़ा बदलाव किया इसके तहत 60 साल की आयु पूरी कर चुके पति के साथ पत्नी को भी वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलेगा। अब तक यह परिवार में एक व्यक्ति को ही मिलता आ रहा था सरकार ने पति-पत्नी की पेंशन का लाभ तो दिया। लेकिन इसके मानक सरल करना भूल गई नियम के अनुसार जिन आवेदन कर्ताओं के बच्चे 20 साल के या इससे अधिक उम्र के होंगे वह पेंशन के पात्र नहीं होंगे।

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और इसी शर्त पर बड़ा तकनीकी पेज आ गया है लिहाजा अब समाज कल्याण मंत्री ने कहा है। कि इस पर विभागीय सचिव को प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए गए हैं जिससे कि इसे संशोधित किया जा सके।

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