मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में उत्तराखंड को ‘स्किल हब‘ बनाने और कौशल विकास व रोजगार से जुड़ी योजनाओं को उद्योगों की वर्तमान व भावी आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने पर सहमति बनी। बैठक में निर्णय लिया गया कि कौशल विकास से संबंधित सभी विभागों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव ने ‘सेतु आयोग’ से परामर्श कर तथा सभी संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) को शामिल करते हुए एक एकीकृत डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर रोजगार तक की सुविधाएं सुगमता से मिल सकें।

बैठक में सेवायोजन सचिव सी. रविशंकर ने जानकारी दी कि राज्य की 119 क्रियाशील आईटीआई (ITI) में से 90 को पोर्टल पर मैप किया जा चुका है और इन्हें उद्योगों के मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जा रहा है। इसके अलावा, टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आईटीआई में आधुनिक तकनीकों के शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग कोर्स शुरू किए गए हैं। युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर दिलाने के उद्देश्य से ‘स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ के माध्यम से वैश्विक मानकों के अनुरूप भाषा ज्ञान व तकनीकी दक्षता प्रदान करने हेतु तीन प्रमुख एजेंसियों से वार्ता की जा चुकी है।

राज्य में निजी क्षेत्र में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ‘रोजगार प्रयाग पोर्टल’ का विस्तार किया जा रहा है, जिस पर अब तक 162 निजी नियोक्ताओं को पंजीकृत किया जा चुका है। सरकार का मुख्य फोकस युवाओं की रुचि और स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सीधे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है। बैठक में सेवायोजन एवं कौशल विकास विभाग के कई उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।




