मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं (मेगा प्रोजेक्ट्स) की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में प्रदेश की सभी बड़ी परियोजनाओं के निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए मासिक और त्रैमासिक (Monthly & Quarterly) लक्ष्य तय कर सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने पर विशेष जोर दिया गया।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में, रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में बन रहे मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कर वहाँ जल्द से जल्द शैक्षणिक कक्षाएं शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने शारदा घाट निर्माण कार्य में हो रहे विलंब पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी (UPDCC) को मजबूत करने की बात कही। आगामी ‘कुंभ मेला-2027’ को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर का उतना ही कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसे विभाग दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा कर सके।

ऊर्जा क्षेत्र में यूकेजेवीएनएल (UJVNL), पिटकुल (PTCUL) और यूपीसीएल (UPCL) के बड़े प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करते हुए ‘लॉस रिडक्शन वर्क्स’ के वित्तीय व भौतिक लक्ष्य तय कर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। सीमांत क्षेत्रों के लिए चलाए जा रहे ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत विद्युतीकरण कार्यों के लिए मासिक लक्ष्य तय करने को कहा गया है। इसके अलावा, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन कामकाजी महिला छात्रावासों के सुचारु संचालन के लिए एक प्रभावी व्यवस्था (मैकेनिज्म) तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में शासन के कई प्रमुख सचिव व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




