राम मंदिर रथयात्रा 8,000 मील की दूरी तय करेगी, अमेरिका के 48 राज्यों के 851 मंदिरों में जाएगी

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जब से भारत में अयोध्या में रामलला विराजमान हुए हैं, तभी से अमेरिका में भी भगवान राम के श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है।

 रामलला के अयोध्या में विराजमान होने के समय भी बड़ी संख्या में अमेरिका स्थित विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में कार रैली निकाली गई थी। इसी क्रम में अब अमेरिका में व्यापक स्तर पर राम मंदिर रथयात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा सोमवार को शिकागो से प्रारंभ होगी। 48 राज्यों में रथयात्रा निकलेगी जो 60 दिन में 851 मंदिरों तक जाएगी। इस दौरान रथयात्रा 8 हजार मील का सफर तय करेगी। यात्रा 23 अप्रैल को श्री हनुमान जयंती के दिन इलिनोइस के शुगर ग्रोव में समाप्त होगी।  यह जानकारी आयोजकों ने दी। इस संबंध में रथयात्रा के आयोजक संगठन ‘विश्व हिंदू परिषद ऑफ अमेरिका’ (वीएचपीए) के महासचिव अमिताभ मित्तल ने बताया कि टोयोटा सिएना वैन के ऊपर बने रथ में भगवान राम, देवी सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियों के साथ-साथ अयोध्या के राम मंदिर से लाया गया विशेष प्रसाद और प्राण प्रतिष्ठा पूजित अक्षत कलश भी होगा। मित्तल ने कहा कि ‘राम मंदिर के उद्घाटन ने दुनियाभर के 1.5 अरब से अधिक हिंदुओं के दिलों को प्रसन्नता से भर दिया है। साथ ही उनमें एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया है। 25 मार्च को शिकागो से शुरू होगी यह रथयात्रायह राष्ट्रव्यापी रथ यात्रा 25 मार्च को अमेरिका के शिकागो से शुरू होगी और 8000 मील से अधिक की दूरी तय करेगी। यह यात्रा अमेरिका के 851 मंदिर और कनाडा के लगभग 150 मंदिरों में जाएगी। कनाडा में रथ यात्रा का आयोजन ‘विश्व हिंदू परिषद ऑफ कनाडा’ कर रही है। अमेरिका के सभी मंदिरों की शीर्ष संस्था ‘हिंदू मंदिर सशक्तीकरण परिषद’ (एचएमईसी) की तेजल शाह ने कहा, ‘इस रथ यात्रा का उद्देश्य हिंदू धर्म के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना, उन्हें शिक्षित करना और सशक्त बनाना है।’‘रथयात्रा हिंदुओं को एकजुट करने का प्रयास’उन्होंने कहा कि यह यात्रा सभी हिंदुओं को एकजुट होने और इसमें भाग लेने का अवसर प्रदान करेगी और इससे हिंदू लोकाचार और धर्म का पुनरुत्थान होगा। मित्तल ने कहा कि इस यात्रा की योजना बनाने और इसके आयोजन में मदद के लिए कई स्वयंसेवकों ने वीएचपीए में पंजीकरण कराया है।