उत्तराखंड के पहले गांव माणा में समान नागरिक संहिता विशेषज्ञ समिति ने सुझाव लिए

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माणा/जोशीमठ। कॉर्बेट हलचल
राज्य स्तरीय समान नागरिक संहिता विशेषज्ञ समिति के सदस्यों ने उत्तराखंड के पहले गांव माणा से नागरिकों का पक्ष लेना शुरू किया है।

शनिवार 1 अक्टूबर को समिति के सदस्यों ने चमोली जिले के दूरस्थ गांव माणा गॉव में राज्य स्तरीय समान नागरिक संहिता के बारे में जानकारी दी और गांव में मौजूद महिलाओं, पुरूषों व युवाओं से क्षेत्र से सम्बन्धित रीति-रिवाजों की जानकारी ली।

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उत्तराखंड के चमोली जिले के दूरस्थ गांव माणा में शनिवार 1 अक्टूबर को समान नागरिक संहिता विशेषज्ञ समिति ने ग्रामीणों से सुझाव लिए।


समिति के भ्रमण कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों से समान नागरिक संहिता को लेकर उनके सुझाव लेना है। विशेषतौर से महिलाओं से विवाह, संरक्षण, तलाक, गोद लेना, सम्पत्ति का अधिकार, आदि पर सुझाव रिपोर्ट में समाहित करना है। माणा में कार्यक्रम के दौरान महिलाएं पारम्परिक वेशभूषा पहन कर आई।

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दोपहर बाद 2 बजे से विशेषज्ञ समिति के सदस्यों ने जोशीमठ नगर पालिका भवन में  बैठककर उपस्थित जनों के सुझाव मांगे गये। इस बैठक में महाविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, प्रबुद्ध जनों द्वारा उपस्थित हो कर अपने अमूल्य सुझाव प्रेषित किये गये। 

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भ्रमण कार्यक्रम में सदस्य शत्रुघ्न सिंह, मनु गौड़ व डॉ सुरेखा डंगवाल मौजूद रहे। सदस्यों ने बताया कि 15 अक्टूबर से कुमाऊॅ मण्डल के जनपदों के लिए भी भ्रमण कार्यक्रम तैयार किया जा चुका है।

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