शनिवार को ऋषिकेश के आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के सफल ५ वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पणः जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़े के रूप में आयोजित किया गया था। इस गरिमामयी अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से देहरादून जनपद के लिए २१९ करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ५१ विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर प्रदेशवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को ५ वर्ष से अधिक समय तक राज्य की कमान सफलतापूर्वक संभालने की उपलब्धि पर बधाई दी और उनके नेतृत्व में राज्य में हुए दूरदर्शी निर्णयों की सराहना की।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह अभियान लोकसेवा और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने धामी सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। इसके अतिरिक्त, युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून, जबरन धर्मांतरण और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी प्रावधान तथा प्रभावी भू-कानून जैसे निर्णय राज्य में सुशासन को दर्शाते हैं। उन्होंने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में ३० प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने तथा ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से मातृशक्ति के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को एक युगांतकारी कदम बताया, जिससे प्रदेश विकास और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि की जनता का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के ५ वर्ष पूरे होने का यह अवसर उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का है। उन्होंने राज्य की प्रगति का खाका पेश करते हुए बताया कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, राज्य का बजट अब १ लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो चुका है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से १ लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री ने रोजगार के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए साझा किया कि पिछले ५ वर्षों में ३४ हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत प्रदेश की २ लाख ६५ हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़े के तहत अगले १५ दिनों तक जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे खुद जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का त्वरित और ऑन-द-स्पॉट समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष २०३५ तक उत्तराखंड को देश का सबसे विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने का साझा संकल्प अवश्य पूरा होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।




