पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय में मिलेगी सरकारी नौकरी: सीएम धामी; हल्द्वानी खेल विश्वविद्यालय में अगले महीने से शुरू होगा सत्र

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सचिवालय में आयोजित खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए कि राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए एक कार्ययोजना बनाने को कहा कि इन नौकरी पाने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्तियां मिल सकें। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी ‘राष्ट्रीय खेल नीति २०२५’ के अनुरूप ही उत्तराखंड की नई खेल नीति को तत्काल तैयार कर राज्य में लागू किया जाए।

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राज्य के खेल बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने गोलापार (हल्द्वानी) में स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में आगामी महीने से ही नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया, कोच, और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की कार्रवाई को तेज करने को कहा। यह उत्तराखंड का पहला और देश का १०वां राज्य खेल विश्वविद्यालय है। बैठक में यह भी बताया गया कि लोहाघाट में भारत के पहले ‘महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज’ का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसके लिए १६ पद सृजित कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, प्रदेश में ‘एक ब्लॉक, एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत अब तक ४८ मिनी स्टेडियमों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

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मुख्यमंत्री ने ३८वें राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के दौरान देहरादून, हल्द्वानी, रुद्रपुर, टिहरी झील, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में विकसित किए गए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के रख-रखाव (Maintenance) के लिए एक ठोस ‘लेगेसी प्लान’ बनाने के निर्देश दिए ताकि ये संपत्तियां आगे भी खिलाड़ियों के काम आ सकें। इसके साथ ही, आगामी ३९वें राष्ट्रीय खेल २०२७ को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों के लिए विभिन्न खेल विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर (कोचिंग कैंप) तुरंत शुरू करने और विभिन्न खेल संघों के साथ मिलकर खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प देवभूमि को ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।

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जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए राज्य में ‘एक जिला, एक खेल’ (ODOS) योजना के तहत प्रत्येक जिले के खेल छात्रावास को संबंधित खेल के लिए ‘ODOS खेल नर्सरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक कुल २९ पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा चुका है और हल्द्वानी विश्वविद्यालय में ३९ अत्याधुनिक खेल अवसंरचना घटकों का विकास किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु और खेल विभाग के तमाम उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

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