उत्तराखंड विधानसभा में हंगामा जारी: धर्मांतरण कानून सख्त, विपक्ष ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

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उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। कांग्रेस विधायकों के जोरदार विरोध और नारेबाजी के चलते बुधवार को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने नैनीताल गोलीकांड और हाल ही में संपन्न जिला पंचायत चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग की।

इससे पहले, सत्र के पहले दिन मंगलवार को सरकार ने 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। साथ ही राज्य की भाजपा सरकार ने धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए ‘उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक’ भी विधानसभा पटल पर रखा।

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हालांकि, विपक्ष ने पहले दिन ही सरकार को घेरने की तैयारी कर ली थी। कांग्रेस विधायकों ने सचिव की मेज पर किताबें पटकीं, जिससे सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। आज भी विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया जारी रही। सदन में कांग्रेस विधायक नैनीताल में हाल में हुई गोलीबारी की घटना और पंचायत चुनावों के दौरान प्रशासन की भूमिका पर सरकार से जवाब मांगते रहे।

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नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है और सरकार सो रही है। जनता के सवालों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।”

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कुमाऊं आयुक्त को जांच के आदेश पहले ही दे दिए हैं, लेकिन कांग्रेस ने इसे पर्याप्त न मानते हुए सदन में तत्काल बहस की मांग की।

विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले सुबह 11 बजे और फिर दोबारा दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

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