रामनगर-कार्बेट टाइगर रिजर्व में अगले पर्यटन सत्र के लिए 50 अतिरिक्त जिप्सियों का पंजीकरण किया जाएगा, जिनका संचालन महिलाओं द्वारा ही किया जाएगा-मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत।।

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वन और जन की दूरी कम करने की पहल

कार्बेट टाइगर रिजर्व में राज्य सरकार की उत्कृष्ट पहल, देश में पहली बार महिलाएं नेचर गाइड और जिप्सी चालक के रूप में कर रही हैं कार्य

कार्बेट टाइगर रिजर्व में अगले पर्यटन सत्र के लिए 50 अतिरिक्त जिप्सियों का पंजीकरण किया जाएगा, जिनका संचालन महिलाओं द्वारा ही किया जाएगा।

आमडंडा में जिम कार्बेट एवं वन्य जीवों पर आधारित ‘लाइट एंड साउंड शो एवं एम्फीथिएटर की होगी स्थापना।

इस वित्तीय वर्ष फरवरी 2021 तक लगभग 1 लाख 65 हजार पर्यटकों ने किया कार्बेट टाइगर रिजर्व का भ्रमण, लगभग 7.25 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त।

नैनीताल – मुख्यमंत्री श्री तीरथसिंह रावत ने आज विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर नैनीताल जनपद के रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वन और जन की दूरी कम करने की पहल की है।

उन्होंने कहा कि राज्य में वन संरक्षण एवं संवर्धन में राज्य की महिलाओं की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने तथा इसके फलस्वरूप स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए कौशल विकास के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कार्बेट टाइगर रिजर्व में राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट पहल की जा रही है, जिसके अंतर्गत भारत में पहली बार किसी टाइगर रिजर्व में 50 महिलाएं नेचर गाइड के रूप में और 50 महिलाएं जिप्सी चालक के रूप में पर्यटकों को सफारी करवाएंगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि कार्बेट टाइगर रिजर्व में अगले पर्यटन सत्र के लिए 50 अतिरिक्त जिप्सियों का पंजीकरण किया जाएगा, जिनमें महिला जिप्सी चालक का पंजीकरण किया जाएगा। इन 50 जिप्सियों का संचालन महिलाओं द्वारा ही किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को ‘वीर चंद्र सिंह गढ़वाली’ योजना के अंतर्गत जिप्सी क्रय करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।

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मुख्यमंत्री श्री तीरथसिंह रावत ने कहा कि कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आमडंडा में जिम कार्बेट एवं वन्य जीवों पर आधारित ‘लाइट एंड साउंड शो एवं एम्फीथिएटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस के लिए खनिज न्यास से 2 करोड़ रू., उत्तराखंड वन विकास निगम से 1 करोड़ रू. और कार्बेट फाउंडेशन द्वारा 1 करोड़ रू. की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी और शेष आवश्यक धनराशि की व्यवस्था अन्य मदों से आवश्यकतानुसार की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि भरतरि, पंपापुरी, दुर्गापुरी और कौशल्यापुरी काॅलोनी के विनियमितिकरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। कार्बेट नेशनल पार्क के डेला रेंज में निर्माणाधीन विश्व स्तरीय वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर को बाघों के दर्शन के लिए पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। रामनगर के उत्तरी छोर में कोसी नदी की बाढ़ से सुरक्षा हेतु तटबंध का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामनगर में कुमांउ और गढ़वाल से संचालित होने वाली बसों के लिए भी बस स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।

कार्यक्रम में वनमंत्री डाॅ. हरकसिंह रावत ने कहा कि जिस दिन महिलाओं, युवाओं के चेहरे पर मुस्कान आएगी, तब ही हमारी सरकार का त्योहार मनाना सार्थक हो पाएगा। काॅर्बेट के हित में हमने कई निर्णय लिए हैं। हमने महिलाओं को नेचर गाइड बनाने का हिंदुस्तान में पहला प्रयोग किया है, जिसके माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। आज महिलाएं 25 हजार रूपए महीना कमा रही हैं और यह तो सिर्फ शुरूआत है। आगे हम इंस्टीट्यूट में नेचर गाइड की निशुल्क ट्रेनिंग देंगे और कई लोगों को रोजगार देंगे।

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उन्होंने कहा कि हमने अपनी सरकार के चार साल में रामनगर में वाइल्ड लाइफ टूरिज्म का काफी विकास किया है, जिससे यहां के व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम कंडी मार्ग को बनवाएंगे। इस सड़क का बनना देश की रक्षा के लिए भी जरूरी है। यह मार्ग देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

इस दौरान वन अधिकारियों ने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व के लिए इस टूरिज्म सत्र में 73 नेचर गाइडों का चयन कर 15 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिनमें 8 महिला नेचर गाइडों को भी सम्मिलित किया गया। उन्होंने बताया कि जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व के ईको टूरिज्म की गतिविधियों में पहली बार महिलाएं सम्मिलित हुई हैं। प्रत्येक नेचर गाइड को 700 रूपए प्रति पाली आय पर्यटकों से प्राप्त होती है तथा प्रत्येक माह लगभग 25 हजार रूपए आमदनी होती है।
गर्जिया पर्यटन जोन की स्थापना के लिए 60 जिप्सी चालकों का कार्बेट टाइगर रिजर्व ने रजिस्ट्रेशन किया है, जिससे इन्हें भी प्रत्यक्ष रूप से ईको टूरिज्म गतिविधियों से रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त कार्बेट टाइगर रिजर्व में लगभग 100 नेचर गाइड पूर्व से ही ईको टूरिज्म में अपना योगदान दे रहे हैं।

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पर्यटन गतिविधि से प्राप्त राजस्व का विवरण प्रस्तुत करते हुए वन अधिकारियों ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष फरवरी 2021 तक लगभग 1 लाख 65 हजार पर्यटक कार्बेट टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर चुके हैं, जिससे लगभग 7.25 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में 10.40 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। गर्जिया पर्यटन जोन इस वर्ष स्थापित किया गया है, जिससे लगभग 1 करोड़ रूपए प्रतिवर्ष राजस्व प्राप्त होगा। वर्तमान में लगभग 73 नेचर गाइड तथा 60 जिप्सी चालकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। वर्तमान में कार्बेट टाइगर रिजर्व के साथ लगभग 350 जिप्सियों व 150 नेचर गाइडों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।

इस अवसर पर चंपावत के विधायक कैलाश चंद्र गहतौड़ी, नैनीताल जनपद के रामनगर के विधायक दीवान सिंह बिष्ट, उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष सुरेश परिहार, जिला नैनीताल के डीएम धीराज गब्र्याल, राजीव भरतरि पीसीसीएफ हाॅफ, विनोद सिंघल पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग, कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक श्री राहुल व उपनिदेशक कल्याणी जी, कुमाऊं के कमिश्नर अरविंद सिंह ह्यांकी व कुमाऊं के आईजी अजय रौतेला तथा वन विभाग एवं अन्य विभागों के विभिन्न अधिकारी और ईडीसी व वन पंचायतों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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