कुमाऊं में नशे की लड़ाई का नया अध्याय: 914 किलो मादक पदार्थ हुआ तहस-नहस!

ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड के कुमाऊं परिक्षेत्र में मादक पदार्थों के विरुद्ध अब तक की सबसे व्यापक और प्रभावशाली कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस ने एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। इस अभियान का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रिद्धिम अग्रवाल ने किया, जिनके निर्देशन में 914.91 किलोग्राम मादक पदार्थों का वैज्ञानिक और विधिसम्मत निस्तारण किया गया।

यह निस्तारण ग्लोबल एनवायरमेंटल साल्यूशन के लम्बाखेड़ा स्थित दहन केंद्र में किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थ 324 अभियोगों से जब्त किए गए थे, जो अब तक की सबसे बड़ी मात्रा मानी जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  राष्ट्रपति भवन के 'एट होम' रिसेप्शन के लिए अल्मोड़ा की गर्विता भाकुनी का चयन; देश भर से चुने गए 5 'युवा आपदा मित्र' कैडेट्स में बनाई जगह

वर्ष 2025 में नष्ट किए गए मादक पदार्थों की मात्रा ने बीते वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वर्ष 2022 में 292 किलोग्राम (53 अभियोग), 2023 में 719 किलोग्राम (134 अभियोग), और 2024 में केवल 57.69 किलोग्राम (77 अभियोग) मादक पदार्थ नष्ट किए गए थे। वहीं 2025 में अब तक 914.91 किलोग्राम नशा नष्ट किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।

इस विशेष अभियान के तहत न केवल वर्तमान वर्ष के, बल्कि 1985, 1995 और 1998 के पुराने अभियोगों से संबंधित मादक पदार्थों का भी विधिसम्मत और पर्यावरण अनुकूल निस्तारण किया गया। इससे पुलिस की न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गंभीरता और संवेदनशीलता का भी प्रमाण मिलता है।

यह भी पढ़ें 👉  प्रेमचंद की जयंती और शहीद ऊधमसिंह के शहादत दिवस पर ढेला, पवलगढ़, भलोन और रामनगर के स्कूलों में विविध कार्यक्रम आयोजित

आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने इस अभियान की बागडोर स्वयं संभाली। उन्होंने सभी जनपदों के थाना स्तर तक समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया कि निस्तारण प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और कानूनी मानकों के अनुरूप हो। उनके नेतृत्व और लगातार निगरानी के चलते न केवल पुलिस मालखानों पर भार कम हुआ, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी गति आई।

यह भी पढ़ें 👉  गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में 'युवा संवाद': सीएम धामी बोले — "युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत"; बैंकों की ऋण प्रक्रिया सरल करने के निर्देश

आईजी अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मादक पदार्थों का निस्तारण केवल एक कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति पुलिस की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा, “यह अभियान जनहित और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मादक पदार्थों के खिलाफ यह संघर्ष आगे भी पूरे जोर के साथ जारी रहेगा, और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”

Ad_RCHMCT