बड़ी खबर- फर्जी मार्कशीट बनाने के गोरखधंधे का खुलासा, कई लोगों ने पाई सरकारी नौकरी

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देहरादून में फर्जी मार्कशीट बनाने के एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट्स और सर्टिफिकेट्स मिले हैं।


पुलिस को सूचना मिली थी कि देहरादून के घंटाघर इलाके में बने एक कॉम्पलेक्स में बड़े पैमाने पर फर्जी सर्टिफिकेट्स बनाने के धंधा चल रहा है। पुलिस ने जानकारी इकट्ठा की तो नेशनल काउंसिल फ़ॉर रिसर्चर एजुकेशन से बना हुआ एक ट्रस्ट सामने आया। पता चला कि ये फर्जी ट्रस्ट है और यहीं से फर्जी मार्कशीट्स और सर्टिफिकेट्स बांटे जा रहें हैं।
पुलिस ने छापा मारकर मौके से राम किशोर राज नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया।

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मौके से ही पुलिस को बड़ी मात्रा में फर्जी मार्कशीट्स और सर्टिफिकेट्स बरामद हुए।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि ऐसे ही फर्जी मार्कशीट्स के आधार पर बिहार और अरुणाचल प्रदेश में कई लोगों को सरकारी नौकरी मिली हुई है।

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पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार फर्जी मार्कशीट्स और सर्टिफिकेट्स 10 से 15 हजार रुपए में बेचे जाते थे। दिलचस्प ये भी है कि इसे बेचने वाला राम किशोर खुद 5वीं पास है।

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फिलहाल पुलिस ने इस मामले में छानबीन शुरु कर दी है। पुलिस को इस मामले में कई बड़े खुलासे की उम्मीद है।

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