अवैध सांप व्यापार का पर्दाफाश, वेनम सेंटर का संचालक नहीं मिला तो केयर टेकर ने खोली पोल

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उत्तराखंड में जंगल में चल रहे अवैध वेनम सेंटर पर पुलिस और वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली से आई पीपुल्स फॉर एनिमल (PFA) टीम ने स्थानीय वन विभाग के साथ मिलकर छापा मारा। हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में खंजरपुर गांव स्थित इस सेंटर से 70 कोबरा और 16 रसल वाइपर समेत कुल 86 जहरीले सांप बरामद किए गए।

हालांकि, जांच के दौरान सांपों का जहर नहीं मिला और उनकी देखभाल की हालत भी बहुत खराब पाई गई। सेंटर के संचालक नितिन कुमार मौके पर नहीं थे, केवल उनका प्रतिनिधि विष्णु मौजूद था, जिसने खुद को केयर टेकर बताया, लेकिन उसने जहर की सप्लाई कहां होती है, इस बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी।

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जांच में यह भी पता चला कि इस वेनम सेंटर को दिसंबर 2022 में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक उत्तराखंड द्वारा एक साल के लिए सशर्त अनुमति दी गई थी, जो दिसंबर 2023 में समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद सेंटर बिना वैध अनुमति के चलाया जा रहा था।

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बरामद सांप भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की अनुसूची-1 में संरक्षित प्रजातियों के अंतर्गत आते हैं। ऐसे जहरीले सांपों को अवैध रूप से रखना कानून का उल्लंघन है।

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वन विभाग ने सभी सांपों को जब्त कर लिया है और भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि इतने लंबे समय तक यह अवैध व्यापार कैसे चलता रहा और वन विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। मामले की जांच अभी जारी है।

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