उत्तराखंड में वाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा: मुख्य सचिव ने दिए मसूरी व नैनीताल में अंडरग्राउंड बिजली लाइनों का प्रस्ताव बनाने के निर्देश

ख़बर शेयर करें -

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य में वाह्य सहायतित परियोजनाओं (EAP) के अंतर्गत बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए। इस दौरान पूर्ण हो चुकी, गतिमान और आगामी परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग को उत्तराखंड के दो प्रमुख पर्यटन शहरों, मसूरी और नैनीताल में विद्युत तारों को भूमिगत करने (अंडरग्राउंड केबलिंग) के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, बागवानी से जुड़ी ‘उत्तराखंड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट’ में तेजी लाने के लिए एक समर्पित परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) गठित करने के भी आदेश दिए गए।

यह भी पढ़ें 👉  'जन जन की सरकार-जन जन के द्वार' अभियान का दूसरा चरण: 1.34 लाख से अधिक लोग हुए शामिल; दोनों चरणों में जनभागीदारी साढ़े छह लाख के पार

बैठक में राज्य के तकनीकी शिक्षा ढांचे को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई (ITI) संस्थानों के कायाकल्प के लिए ईएपी-वित्तपोषित परियोजनाएं तैयार की जाएं। इसके अतिरिक्त, नदियों के पुनरुद्धार (River Rejuvenation), पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) जैसे जनहित से जुड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु नए प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून में सीएम धामी ने किया 'ओहो रेडियो 89.2 एफएम' का शुभारंभ; कहा— "डिजिटल युग में भी रेडियो जनसंवाद का सशक्त माध्यम"

मुख्य सचिव ने परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए धीमी गति से चल रहे प्रोजेक्ट्स की सख्त निगरानी करने, मशीनों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की क्लोजर रिपोर्ट केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग (DEA), संबंधित फंडिंग एजेंसियों और लाइन विभागों को समय पर भेजने की अनिवार्यता पर जोर दिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा सहित शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Ad_RCHMCT