बनबसा में गूंजा योग का संदेश: मुख्यमंत्री धामी ने हजारों साधकों व SSB जवानों के साथ किया योगाभ्यास; ₹3300 करोड़ की ‘शारदा कॉरिडोर परियोजना’ का किया जिक्र

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१२वें ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के पावन अवसर पर उत्तराखंड में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का आयोजन चम्पावत जनपद के सीमांत क्षेत्र बनबसा में किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने वहाँ बड़ी संख्या में उपस्थित योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति और वरिष्ठ नागरिकों के साथ बैठकर सामूहिक योगाभ्यास किया तथा संपूर्ण प्रदेशवासियों को योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर योग को केवल एक शारीरिक व्यायाम न मानकर मन, शरीर और आत्मा के बीच अद्भुत सामंजस्य स्थापित करने वाली एक समग्र जीवन पद्धति बताया, जो वर्तमान समय के मानसिक तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच एक अचूक प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में कार्य करता है।

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उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई देश की पहली ‘योग नीति’ के तहत मिलने वाले लाभों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए सरकार द्वारा अधिकतम २० लाख रुपये तक की सब्सिडी और इस क्षेत्र में उच्च स्तरीय शोध व अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए १० लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य में पांच नए बड़े योग हब विकसित किए जा रहे हैं और सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं को अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से पूरी तरह दूर रहने और एक अनुशासित, स्वस्थ व सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

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बनबसा में इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के आयोजन के पीछे की रणनीति साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार शारदा नदी के तट पर योग, पर्यटन और आध्यात्मिक साधना को एक नया वैश्विक मंच देना चाहती है। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए लगभग ३,३०० करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार की जा रही “शारदा कॉरिडोर परियोजना” की प्रगति साझा की, जिसके अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक एक आधुनिक ‘शारदा रिवर फ्रंट’ सहित विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों को संवारा जा रहा है; इसके प्रथम चरण के तहत १७९ करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ भी किया जा चुका है। इस ऐतिहासिक योग कार्यक्रम के अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आयुष सचिव रंजना राजगुरु और चम्पावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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