मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर प्रदेश में जारी भारी बारिश के बीच आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहकर कार्य करने, भूस्खलन संभावित और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त जेसीबी व मशीनरी तैनात रखने और बंद पड़ी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत खोलकर यातायात सुचारु करने के आदेश दिए गए हैं।
बैठक में मुख्य सचिव ने चारधाम, कांवड़ और कैलाश मानसरोवर यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि यात्रा का संचालन मौसम की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही किया जाए। अत्यधिक वर्षा या मार्ग अवरुद्ध होने की दशा में तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर उनके लिए भोजन, पानी व चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा, नदियों के बढ़ते जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने, डैम व बैराजों से पानी छोड़ने पर निचले इलाकों और आवश्यकता पड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को समय रहते अलर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने आपदा की स्थिति में बिजली, पेयजल और संचार सेवाओं की त्वरित बहाली सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी सैटेलाइट फोन को क्रियाशील रखने और प्रतिदिन SEOC व DEOC के बीच संपर्क जांचने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने बल दिया कि मौसम विभाग की सभी चेतावनियों और अलर्ट को राज्य, जनपद, ब्लॉक, तहसील और ग्राम स्तर तक अंतिम छोर के नागरिक तक समय पर पहुंचाया जाए, ताकि सूचना में देरी के कारण होने वाली जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।




