लैब असिस्टेंट परीक्षा में फर्जीवाड़ा बेनकाब, ‘मुन्ना भाई’ गिरफ्तार

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उत्तराखंड में आयोजित सीबीएसई की पोस्ट लैब असिस्टेंट परीक्षा के दौरान एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया है। आरोपी चन्द, निवासी फिरोजाबाद, दूसरे अभ्यर्थी सौरभ सिंह के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। यह फर्जीवाड़ा बॉयोमीट्रिक उपस्थिति जांच में सामने आया, जिसके बाद थाना कैंट पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना 18 मई को केंद्रीय विद्यालय एफआरआई, देहरादून में द्वितीय पाली की परीक्षा के दौरान घटी। परीक्षा के दौरान जब बॉयोमीट्रिक उपस्थिति की जांच की गई तो आरोपी की पहचान सौरभ सिंह से मेल नहीं खाई। परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी चन्द से पूछताछ जारी है। वहीं, असली अभ्यर्थी सौरभ सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम रवाना कर दी गई है। मामले में आरोपी के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून के तहत धारा 3/4/10/11 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4)/61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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उल्लेखनीय है कि इसी परीक्षा के दौरान अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी नकल करते हुए कुल 17 अभ्यर्थियों को पकड़ा गया है। इन मामलों में थाना पटेल नगर और डालनवाला में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि नकल के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।

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परीक्षा में तकनीकी निगरानी और बॉयोमीट्रिक उपस्थिति प्रक्रिया के चलते यह फर्जीवाड़ा सामने आ सका। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा एजेंसियों और प्रशासन ने अब निगरानी और भी सख्त करने का निर्णय लिया है।

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