एक देश-एक चुनाव- समिति ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट, सिस्टम ऐसे करेगा काम

ख़बर शेयर करें -

 ‘वन नेशन, वन इलेक्शन‘ को लेकर गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है। देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस कमेटी का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें देश के गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हैं। 18626 पृष्ठों वाली इस रिपोर्ट को तैयार करने में करीब सात महीना का समय लगा है।

यह भी पढ़ें 👉  चम्पावत: गोल्ज्यू महोत्सव 2026 में आज से सजेगी ‘स्टार नाइट्स’ की महफिल, लोक संस्कृति और सुरों का होगा संगम।

सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद कमेटी ने पाया कि भारत की आजादी के पहले दो दशकों के बाद एक साथ चुनाव नहीं होने के कारण अर्थव्यवस्था, राजनीति और समाज पर हानिकारक प्रभाव पड़ा है। प्रारंभ में हर दस साल में दो चुनाव होते थे। अब हर साल कई चुनाव होने लगे हैं। इससे सरकार, व्यवसायों, श्रमिकों, न्यायालयों, राजनीतिक दलों, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और बड़े पैमाने पर नागरिकों पर भारी बोझ पड़ता है। इसलिए, समिति सिफारिश करती है कि सरकार को एक साथ चुनावों के चक्र को बहाल करने के लिए कानूनी रूप से तंत्र विकसित करना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी से थराली, कैंट, विकासनगर, रायपुर और धनोल्टी के विधायकों ने अलग-अलग भेंट की।

समिति की सिफारिशों के मुताबिक, पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। दूसरे चरण में नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव को भी इन दोनों चुनावों के साथ कराया जाए।  

Ad_RCHMCT