उत्तराखंड में रेलवे नेटवर्क का होगा कायाकल्प: सीएम धामी से मिले रेलवे बोर्ड के चेयरमैन; ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने पर जोर

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार, वर्तमान में गतिमान रेल परियोजनाओं और भविष्य की रेलवे आवश्यकताओं को लेकर बिंदुवार विस्तृत चर्चा संपन्न हुई। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण न केवल पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देगा, बल्कि यह राज्य में निवेश, व्यापार और स्थानीय आर्थिकी को एक नई व ऐतिहासिक गति प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के विकास की जीवनरेखा और सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील बताते हुए सभी संबंधित कार्यों को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि चारधाम यात्रा पर आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं का सफर अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक हो सके। इसके साथ ही, कुमाऊं मंडल की बहुप्रतीक्षित टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना पर भी चर्चा हुई, जिसके संबंध में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने अवगत कराया कि इसका सर्वेक्षण और डीपीआर (DPR) तैयार किया जा चुका है। इस पर मुख्यमंत्री ने अपेक्षा जताई कि नवंबर 2026 तक इस परियोजना पर धरातल पर ठोस प्रगति दिखाई दे। उन्होंने क्षेत्रीय संतुलित विकास के लिए कर्णप्रयाग-बागेश्वर तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइनों पर भी आगे की कार्यवाही तेज करने का आग्रह किया।

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राज्य में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने दोनों मंडलों के मुख्य प्रवेश द्वारों जैसे देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय और आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने पर जोर दिया। विशेष रूप से आगामी कुंभ मेले और वार्षिक कांवड़ यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने रेलवे बोर्ड से हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए अभी से विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को डबल ट्रैक करने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई ताकि कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जा सके। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि बैठक में उठाए गए सभी नीतिगत बिंदुओं पर रेलवे पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ काम करेगा। इस बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी सहित रेलवे व राज्य प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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