ग्रामीणों का राशन अटका, जांच के दौरान डीलर और निरीक्षक के बीच हाथापाई

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उत्तराखंड में राशन कार्डों की जांच के दौरान एक नया विवाद सामने आया है। ग्रामीणों को राशन न देकर केवल पर्ची थमाने और ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली के आरोपों की जांच करने पहुंची खाद्य पूर्ति निरीक्षक के साथ राशन डीलर के बीच हाथापाई हुई।

जानकारी के अनुसार, हरिद्वार जिले के लक्सर की राशन डीलर सुषमा के खिलाफ शिकायतें मिली थीं कि वह उपभोक्ताओं को निर्धारित राशन देने के बजाय केवल पर्ची देती है और रजिस्टर पर अंगूठा लगवा लेती है। इसके अलावा ई-केवाईसी के नाम पर प्रति कार्ड ₹10 की अवैध वसूली के भी आरोप लगे थे।

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शिकायत की गंभीरता को देखते हुए खाद्य पूर्ति निरीक्षक बबीता जांच के लिए सुषमा की लक्सर स्थित दुकान पर पहुंचीं। आरोप है कि निरीक्षक को अकेला पाकर डीलर ने अपने समर्थकों को बुलाया और उन पर दबाव डालना शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो हाथापाई तक पहुंच गई।

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स्थिति तनावपूर्ण होने पर निरीक्षक ने दुकान को ताला लगाकर मौके से लौटना पड़ा। घटना के दौरान कुछ मीडिया कर्मी भी वहां मौजूद थे और उन्होंने पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड किया।

पूर्ति निरीक्षक के अनुसार जांच में यह सामने आया कि ग्रामीणों को राशन न देकर पर्ची दी जा रही थी और रजिस्टर पर उनके हस्ताक्षर व अंगूठे लगवाए जा रहे थे। वहीं, डीलर सुषमा ने निरीक्षक पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए, जिन्हें निरीक्षक ने पूरी तरह निराधार बताया।

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बबीता ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है और जांच के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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