आपदाकाल के चार महीने रहते घरों में कैद, पक्की सड़क और पुल से ग्रामीण परेशान

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पिथौरागढ़। डीएम साहिबा हमारे ग्राम पंचायत में आपदाकाल के 4 महीने एक तोक वाले दूसरे तोक वालों से  नहीं मिल पाते है। एक स्कूल दो जगहों पर चलता है। उत्तराखंड में यह पहला ग्राम पंचायत होगा जिसकी आपदाकाल काल में ऐसी स्थिति रहती है। मंगलवार को 115 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय आकर जिलाधिकारी रीना जोशी के सम्मुख ग्रामीणों ने अपने दुखांत को सुनाया।  

विकास खंड मुनस्यारी के ग्राम पंचायत टांगा की व्यथा कुछ इस तरह की है। इस गांव के लिए 80 मीटर स्पान का मोटर पुल बनना था। वर्ष 2014 में मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल होने के बाद भी आज तक पुल को बजट नहीं मिल पाया। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने डीपीआर बनाकर शासन को भेज दिया है। पुल के नहीं होने से एक ही ग्राम पंचायत के टांगा, लोदी, दानीबगड़, लोधियाबगड आदि तोको के लोग आपदाकाल के चार माह  आपस में नहीं मिल पाते है। गांव के बीच से बहने वाले टांगा नदी में पुल नहीं होने के कारण प्राथमिक विद्यालय के बच्चे एक तरफ शिक्षक तथा दूसरी तरफ आंगनबाड़ी की बहन जी विद्यार्थियों को पढ़ाती है। इस ग्राम पंचायत में एक नहीं दो नदियां गांव को चीर रही है।जिससे भूस्खलन की घटना भी लगातार बढ़ रही है। विद्यार्थी भी आपदाकाल में एक साथ बैठकर एक जगह पर स्कूलिंग नहीं कर पाते है। गरारी की हालत इतनी खराब है कि एक आदमी को पार करने के लिए दो लोगों की आवश्यकता होती है। 15 वर्षों से लोदी मोटर मार्ग का डामरीकरण नहीं नहीं हो पाया है। इस मोटर मार्ग में कोई भी वहां आने जाने  से कतराता है। इसलिए लोदी वालों को मोटर मार्ग की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस ग्राम पंचायत में मोबाइल का नेटवर्क नहीं है। इस कारण स्कूल की छुट्टी में भी विद्यार्थी अपने गांव नहीं आते है।नेटवर्क नहीं होने के कारण ऑनलाइन क्लासेस तथा उनकी पढ़ाई का कार्य इस गांव में नहीं चल पाता है। इस गांव के अधिकांश पूर्व सैनिक तथा सेवानिवृत्त लोग वापस गांव को आ रहे है। लेकिन सुविधाओं के अभाव में गांव वासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पलायन के बाद भी इस ग्राम पंचायत में 1065 की जनसंख्या वर्तमान में रह रही है। जिलाधिकारी के सम्मुख अपनी व्यथा को बताने के बाद ग्रामीणों के  प्रति जिलाधिकारी को भी दया आ गई। उन्होंने बीएसएनएल के सहायक अभियंता को तलब किया। उन्होंने सहायक अभियंता से कहा कि वह तत्काल टांगा जाकर सर्वे कर मोबाइल टावर को प्रस्तावित करे।लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता से डीएम ने कहा कि वह शासन स्तर पर दोनों मांगों के लिए बजट जारी करने हेतु प्रयास करे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं लोनिवि के सचिव से इस मामले में बातचीत करेंगे। इस अवसर पर पूर्व सूबेदार धर्म सिंह परिहार, भगवान सिंह परिहार, ललित सिंह परिहार,गोविंद सिंह परिहार, धर्मेंद्र सुयाल, प्रेम सिंह सेनरी, विक्रम बथियाल के साथ ही जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तलिया की उपस्थित रहे।