फैसला लेने में डरने वाले नौकरशाहों को वीआरएस की जरूरत: मुख्य सचिव

ख़बर शेयर करें -

चिंतन शिविर के उदघाटन सत्र में मुख्य सचिव डा. संधू बोले- बदलते हालात में  हमें परिवर्तन लाने होंगे

देहरादून। कॉर्बेट हलचल

सशक्त उत्तराखंड @25 चिंतन शिविर के उदघाटन सत्र में मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने कहा कि हमें मंथन केवल तीन दिन ही नहीं बल्कि समय-समय पर करते रहने चाहिए। दुनिया तेजी से बदल रही है। बदलते हालात के हिसाब से हमें बदलाव लाने होंगे। अपसरों को निर्णय लेने में बोल्ड रवैया अपनाना होगा।

जनहित में आड़े आ रहे नियम को बदलें

मुख्य सचिव ने कहा कि कई बार देखने में आता है कि अफसर फैसले लेने से डरते हैं और यस के बजाए नो कहने में अधिक दिलचस्पी लेते हैं। ऐसी सोच रखने वाले नौकरशाहों को स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काम के प्रति बेहद सकारात्मक हैं। अगर कोई शासनादेश या नियम किसी विकास योजना या अच्छे कार्य में आड़े आ रहा है तो उसको बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति क़ानून को मिसयूज न कर पाए इस सोच के चलते 99 लोगों को फायदा न होने देने की सोच गलत है।

यह भी पढ़ें 👉  जल जीवन मिशन 2.0 पर बड़ा समझौता: पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में केंद्र-राज्य MOU, उत्तराखण्ड के 14 लाख ग्रामीण परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

हालात के साथ बदलाव लाएं

पहले पंचवर्षीय योजना बनती थी, लेकिन समय के साथ हमें इस मॉडल से बाहर आना पड़ा। यही वजह है कि पंचवर्षीय कार्यक्रम की जगह नीति आयोग की जरूरत पड़ी। उन्होंने कहा कि हमें नियमित चिंतन शिविरों की बहुत आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं: 34वीं बटालियन आईटीबीपी में आंचल मिल्क पार्लर कैफे का शुभारंभ

फैसला न लेना जनता को परेशान करने जैसा

उन्होंने कहा कि नौकरशाह एक मुद्दा रोज लें कर फिर उसको सुलझाएं। उन्होंने कहा कि कायर नौकरशाह ही ज्यादा आपत्ति लगाते हैं। किसी चीज पर फैसला न लेना जनता को परेशान करने के समान है।

योगा, हॉल्टिकल्चर में बहुत गुंजाइश

मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन, योगा, हाइड्रो पावर, हॉर्टिकल्चर वो तमाम क्षेत्र हैं जिनमें अभी बहुत कुछ करने की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण से लोग भाग रहे हैं। जिस तरह से सड़कों का जाल बिछ रहा है हम दिल्ली एनसीआर का हिस्सा होंगे। इस लिहाज से हमें अपने देहरादून व अन्य शहरों में सुविधाओं को विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि काम करने का एटीट्यूड बहुत महत्वपूर्ण है।

यह भी पढ़ें 👉  NEET UG 2026 : 3 मई को हल्द्वानी के इन 3 केंद्रों पर होगी NEET परीक्षा | 1100+ अभ्यर्थी शामिल

प्रशासनिक अकादमी की गतिविधियों की जानकारी दी

इस अवसर लाल बहादुर प्रशाशनिक अकादमी के निदेशक श्रीनिवास आर कतीकीथला ने अकादमी में चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि आधी आबादी को ध्यान में रखकर हमें योजनाएं बनानी होंगी। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल दिया और समाज में होने वाली घटनाओं के अनूरूप नीतियों को बनाने पर बल दिया। नियोजन सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम ने राज्य की अर्थव्यवस्था पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। इस अवसर पर सभी वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे।

Ad_RCHMCT