कांग्रेस के विधानसभा घेराव के निर्णय पर भाजपा ने कसा तंज, लगाए यह गंभीर आरोप

ख़बर शेयर करें -

देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस के 13 मार्च को गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव को औचित्यहीन ठहराते हुए जनभावना व गैरसैंण विरोधी बताया है । पार्टी प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अंकिता मर्डर, भर्ती प्रक्रिया एवं अडाणी प्रकरण के नाम पर वे राजनैतिक घेराव करना चाहते हैं, जबकि इन तमाम विषयों पर किये गए धामी सरकार के प्रयासों पर न्यायालय और जनता दोनो पहले ही अपनी मुहर लगा चुके हैं।

श्री चौहान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिशाहीन और मुद्दाविहीन कांग्रेस का विधानसभा घेराव, हारी हुई लड़ाई लड़ने जैसा है । क्योंकि अंकिता प्रकरण और भर्ती प्रक्रिया में अब तक की जांच पर हाईकोर्ट ने भी संतुष्टि जताते हुए सीबीआई जांच से इनकार कर दिया है । उसपर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद अधिक विश्वसनीयता के लिए हाईकोर्ट के जज की निगरानी में नियुक्ति प्रकरणों में एसआईटी जांच हो रही है, साथ ही नकल की संभावनाओं पर पूर्ण विराम लगाने के लिए देश का सबसे सख्त कानून लाया गया है ।

यह भी पढ़ें 👉  मसूरी विधानसभा को ₹17.80 करोड़ की सौगात; सीएम धामी बोले — "बिना रुके, बिना थके हर वादा कर रहे पूरा"

यहां सबसे महत्वपूर्ण है कि प्रदेश की जनता सरकार इन तमाम कदमों का संतुष्ट होकर स्वागत कर रही है । जहां तक बात रही अडाणी मुद्दे की तो, पहली बात सभी जानते हैं बाजार के उतारचढ़ाव का सरकारों से कोई संबंध नही होता है, वहीं दूसरी और महत्वपूर्ण बात है सुप्रीम कोर्ट का न्यायधीशों, टॉप बैंकर, सेबी एक्सपर्टों की कमेटी बनाकर दो महीने में इस पूरे प्रकरण की जांचकर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। 

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून में सीएम धामी ने किया 'ओहो रेडियो 89.2 एफएम' का शुभारंभ; कहा— "डिजिटल युग में भी रेडियो जनसंवाद का सशक्त माध्यम"

श्री चौहान ने कटाक्ष किया, जब कांग्रेस द्वारा उठाये जा रहे इन आरोपों की हवा निकल गयी है तो सवाल उठता है कि वे बजट सत्र के पहले दिन किस मकसद से हंगामा करना चाहते हैं । उन्होंने आरोप लगाते हुए पूछा, क्या कांग्रेस का मकसद बजट सत्र के दौरान सड़कों पर व्यवधान कर गैरसैंण में सत्र आयोजन का विरोध है ।

यह भी पढ़ें 👉  'जन जन की सरकार-जन जन के द्वार' अभियान का दूसरा चरण: 1.34 लाख से अधिक लोग हुए शामिल; दोनों चरणों में जनभागीदारी साढ़े छह लाख के पार

क्योंकि अब सदन में विषय उठाने का मौका है तो वे सड़कों पर उतर रहे हैं और जब जनता के मुद्दों पर उनके मध्य रहना था तो वे बिना उत्तराखंड वाली भारत जोड़ो यात्रा में सेल्फी खिंचवाने में मशगूल थे । लिहाज़ा कांग्रेस की कोशिशें बेकार हैं क्योंकि जनता पहले ही उनकी ऐसी राजनीति को सिरे से नकार चुकी है ।

Ad_RCHMCT