डॉ. मनमोहन सिंह चौहान बने जीबी पंत विवि के कुलपति

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पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय  के कुलपति के तौर पर डॉ मनमोहन सिंह चौहान को नियुक्त किया गया है। 28वें कुलपति के तौर पर कार्यभार संभालने वाले डा. चौहान अभीअभी नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल (हरियाणा) के निदेशक/कुलपति हैं।


15 अगस्त को आदेश जारी
इस आशय के आदेश 15 अगस्त को राज्यपाल एवं विवि के कुलाधिपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की संस्तुति पर सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने जारी किए हैं। आदेश में जीबी पंत विवि के कुलपति पद पर धारा-11(6) के अंतर्गत की गई अंतरिम व्यवस्था को अतिक्रमित करते हुए उप्र कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम 1958 की धारा-11 की उपधारा-1 के अधीन गठित अन्वेषण समिति की संस्तुति के क्रम में नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल (हरियाणा) के निदेशक/कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान को कार्यभार ग्रहण करने की अवधि से अगले तीन वर्ष के लिए जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।
प्रजनन प्रौद्योगिकी में डॉ चौहान का अहम योगदान
डॉ. चौहान ने सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी के विकास में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने भ्रूण स्टेम सेल प्रौद्योगिकी विकसित की और पांच भ्रूण भैंस स्टेम सेल लाइनों और दो शुक्राणुजन्य स्टेम सेल लाइनों को विकसित करने सहित मवेशियों और याक में डिंब पिकअप-आईवीएफ तकनीक और भारत का पहला ओपीयू-आईवीएफ साहीवाल बछड़ा ‘होली’ और ओपीयू-आईवीएफ याक बछड़ा ‘नोर्ग्याल’ उत्पादित किया है। डॉ. चौहान ने भैंस में एक सरल हाथ निर्देशित क्लोनिंग तकनीक विकसित करने सहित 17 क्लोन भैंसों का उत्पादन भी किया है।

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डॉ. मनमोहन सिंह चौहान बने जीबी पंत विवि के कुलपति

पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय  के कुलपति के तौर पर डॉ मनमोहन सिंह चौहान को नियुक्त किया गया है। 28वें कुलपति के तौर पर कार्यभार संभालने वाले डा. चौहान अभीअभी नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल (हरियाणा) के निदेशक/कुलपति हैं।

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15 अगस्त को आदेश जारी
इस आशय के आदेश 15 अगस्त को राज्यपाल एवं विवि के कुलाधिपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की संस्तुति पर सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने जारी किए हैं। आदेश में जीबी पंत विवि के कुलपति पद पर धारा-11(6) के अंतर्गत की गई अंतरिम व्यवस्था को अतिक्रमित करते हुए उप्र कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम 1958 की धारा-11 की उपधारा-1 के अधीन गठित अन्वेषण समिति की संस्तुति के क्रम में नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल (हरियाणा) के निदेशक/कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान को कार्यभार ग्रहण करने की अवधि से अगले तीन वर्ष के लिए जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।

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प्रजनन प्रौद्योगिकी में डॉ चौहान का अहम योगदान
डॉ. चौहान ने सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी के विकास में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने भ्रूण स्टेम सेल प्रौद्योगिकी विकसित की और पांच भ्रूण भैंस स्टेम सेल लाइनों और दो शुक्राणुजन्य स्टेम सेल लाइनों को विकसित करने सहित मवेशियों और याक में डिंब पिकअप-आईवीएफ तकनीक और भारत का पहला ओपीयू-आईवीएफ साहीवाल बछड़ा ‘होली’ और ओपीयू-आईवीएफ याक बछड़ा ‘नोर्ग्याल’ उत्पादित किया है। डॉ. चौहान ने भैंस में एक सरल हाथ निर्देशित क्लोनिंग तकनीक विकसित करने सहित 17 क्लोन भैंसों का उत्पादन भी किया है।

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