मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अमर उजाला द्वारा आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में हिस्सा लिया और प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विद्यार्थी किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर उजाला की यह पहल युवाओं का उत्साह बढ़ाने वाली है और अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में आए शानदार परिणामों पर प्रसन्नता जताई, विशेष रूप से बेटियों के प्रदर्शन की सराहना की।
सीएम धामी ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरे समर्पण के साथ साकार करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गुरुजन और माता-पिता बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को आकार देने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। शिक्षक राष्ट्र निर्माण के वास्तविक शिल्पकार हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, नवाचार, डिजिटल लर्निंग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी लगभग 28 प्रतिशत और 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थी 12 प्रतिशत हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत छात्रों को वैदिक गणित, रामायण, महाभारत, राज्य की संस्कृति और अध्यात्म का ज्ञान भी दिया जा रहा है। इस अवसर पर अपर सचिव बंशीधर तिवारी और अमर उजाला के संपादक अनूप बाजपेयी भी मौजूद रहे।




