मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के ऐतिहासिक माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा पहुंचकर मंदिर के नवनिर्माण और विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि धाम का विकास इसकी पौराणिक गरिमा व मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ वाराही धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह धाम आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

सीएम धामी ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से चार खाम सात थोक और माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट द्वारा मंदिर का भव्य नवनिर्माण दो से तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान जगदीश चंद्र गहतोड़ी ‘नवनीत’ ने निपुण भारत अभियान से संबंधित अपनी पुस्तक “निपुण का संगीत” मुख्यमंत्री को भेंट की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, समिति अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव और अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।




