ढाई लाख में मासूम का सौदा: पड़ोसी महिलाओं ने पहुंचाया सौदागरों तक बच्चा

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गली-गली में खड़ी महिलाओं सौंपते हुए कपड़ा कारोबारी तक पहुंचाया गया मासूम

हरिद्वार। कॉर्बेट हलचल

ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के कड़च्छ मोहल्ले में आठ महीने के बच्चे के अपहरण मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर घटना में शामिल बच्चे को खरीदने वाले कपड़ा व्यापारी और उसकी पत्नी सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। कपड़ा व्यापारी के पास बच्चा पहुंचाने के लिए ढाई लाख रुपये में सौदा किया गया था।

अपहृत मासूस की बरामदगी के बाद बच्चे को गोद में लिए डीआईजी करण सिंह नगन्याल और एसएसपी हरिद्वार अजय सिंह।

पुलिस टीम की डीआईजी और एसएसपी ने की तारीफ

मासूम का अपहरण पड़ोसी महिलाओं ने मिलकर किया था। इसके बाद आशा कार्यकर्ता ने कपड़ा व्यापारी से ढाई लाख रुपये में सौदा कर बच्चा उसे सौंप दिया। खुलासा करने वाली टीम की डीआईजी गढ़वाल करण सिंह नगन्याल और एसएसपी अजय सिंह ने पीठ थपथपाई है।

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हरिद्वार में पुलिस की गिरफ्त में बच्चे के अपहरण के आरोपी।

मां के छत पर जाते ही उठा लिया बच्चा

रविवार देर शाम रोशनाबाद स्थित एसएसपी कार्यालय में अपहरण की घटना का खुलासा करते हुए डीआईजी गढ़वाल करण सिंह नगन्याल ने बताया कि शनिवार को रविंद्र निवासी कड़च्छ ज्वालापुर के आठ महीने के बेटे शिवांग का अपहरण कर लिया गया था। शिवांग का जब अपहरण हुआ तो वह सो रहा था और उसकी मां राखी कपड़े सुखाने छत पर गई थी।

तीन महिलाओं ने किया था अपहरण

परिजनों की सूचना पर तत्काल पुलिस और एसओजी की टीमें खोजबीन में लगाई गईं थीं। संदिग्ध मोबाइल फोन नंबरों को ट्रेस करते हुए खोजबीन की गई। रविवार को भारत माता मंदिर के पास एक मोबाइल फोन नंबर की लोकेशन मिलने पर घेराबंदी कर आशा कार्यकर्ता रूबी निवासी गागलहेड़ी सहारनपुर यूपी हाल पता सीतापुर, कड़च्छ मोहल्ला और श्यामपुर कांगड़ी निवासी कपड़ा व्यापारी संजय को दबोच लिया। पुलिस ने इन लोगों से बच्चा बरामद कर लिया। इनसे पूछताछ के बाद मामले में शामिल किरन, अनिता, सुषमा निवासीगण मोहल्ला कड़च्छ और कपड़ा कारोबारी संजय की पत्नी पारुल को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि किरन, सुषमा और अनिता ने मिलकर बच्चे का अपहरण किया था।

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गली बदलते ही दूसरी महिलाओं को सौंपा अपहृत को

उन्होंने बताया कि रविंद्र के घर के बराबर में रहने वाली किरन ही मौका पाकर सोते बच्चे को उठाकर लाई थी। उसने दूसरी गली में रहने वाली सुषमा को बच्चा सौंप दिया, सुषमा ने पड़ोस में रहने वाली अनीता को दिया। अनिता बच्चे को लेकर आशा कार्यकर्ता रूबी के हवाले किया।

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कपड़ा कारोबारी तक पहुंचा अपहृत मासूम

रूबी और आशा ने शनिवार को ही बहादराबाद क्षेत्र में जाकर कपड़ा व्यापारी संजय को बच्चा सौंप दिया। संजय ने 50 हजार रुपये नकद दिए और दो लाख रुपये बाद में देने का वादा किया। इसके बाद संजय बच्चे को अपनी पत्नी के पास ले गया।

बच्चा वापस करते ही पकड़े गए आरोपी

बच्चा चोरी की सूचना फैलने के बाद संजय डर गया। उसने रविवार सुबह रूबी और आशा को फोन किया। भारत माता मंदिर के पास बुलाकर बच्चा उन्हें वापस कर दिया। इसी दौरान तीनों को पकड़ लिया गया और सारे मामले का खुलासा हो गया। उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपये भी बरामद कर लिये गए हैं।

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