पेपर लीक मामले में नैनीताल हाई कोर्ट ने की सुनवाई, कभी भी आ सकता है आदेश

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक के मामले में नैनीताल हाई कोर्ट के द्वारा कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी की याचिका पर सुनवाई की। जिसमें नैनीताल हाईकोर्ट ने वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ ने मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

कोर्ट अब कभी भी मामले में आदेश जारी कर सकता है। बुधवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से सीएससी सीएस रावत ने बताया कि अब तक इस मामले में 46 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच तेजी से चल रही है। आरोपित हाकम सिंह के अवैध मकान व रिसॉर्ट पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है।

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उसका उद्यान भी कब्जे में ले लिया है। मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है जबकि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता का आरोप था कि सरकार बड़ों को बचा रही है, लिहाजा सीबीआई जांच जरूरी है।

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विधायक भुवन कापड़ी ने याचिका दायर कर कहा है कि यूकेएसएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच एसटीएफ सही तरीके से नहीं कर रही है। घोटाले में यूपी व उत्तराखंड के कई बड़े बड़े अधिकारी व नेता शामिल है, सरकार उनको बचा रही है, इसलिए इस मामले की जाँच एसटीएफ से हटाकर सीबीआई से कराई जाए। यह परीक्षा 2021 में हुई थी।

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22 जुलाई 2022 को अनुसचिव राजन नैथानी ने रायपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। प्राथमिकी में कहा गया है कि व्हाट्सअप मेसेज से अभ्यर्थियों को सवाल हल कराए गए। एसटीएफ ने शुरू में संदिग्ध 17 लोगों के फोन लोकेशन व सीडीआर के माध्यम से जांच की शुरुआत की।

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