STF उत्तराखण्ड की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा, दो शातिर आरोपी नोएडा से गिरफ्तार

ख़बर शेयर करें -

Corbetthalchalदेहरादून
उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का खुलासा किया है। टीम ने दो शातिर साइबर अपराधियों को नोएडा से गिरफ्तार किया है, जो देशभर में फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से ठगी कर रहे थे। गिरोह द्वारा देहरादून निवासी एक व्यक्ति से 66 लाख रुपये की ठगी की गई थी।


ठगी का तरीका:
पीड़ित व्यक्ति ने फेसबुक पर ‘Judah Murazik’ नाम के पेज पर एक वीडियो देखा जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का इंटरव्यू दिखाया गया था और दावा किया गया था कि ₹21,000 के निवेश पर सात दिन में ₹6.5 लाख तक का रिटर्न मिलेगा। इसी लालच में आकर पीड़ित ने वेबसाइट cryptopromarkets.com पर रजिस्ट्रेशन किया और मई 2025 के दौरान अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹66,21,000 जमा कर दिए।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर में 'दुदबोलि' का अनूठा आयोजन: उत्तराखंडी लोककवियों की रचनाओं की गूंजी संगीतमय प्रस्तुति


तकनीकी जांच में हुआ खुलासा:
साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए NG Traders नाम की फर्जी कंपनी बनाई थी और उस पर कई फर्जी बैंक खाते, CUG नंबर, आदि तैयार किए गए थे। आरोपी VPN, प्रॉक्सी सर्वर, TOR ब्राउज़र और पब्लिक Wi-Fi का उपयोग कर अपनी पहचान छिपाते थे। ये अपने बैंक खातों में SMS अलर्ट के लिए भी फर्जी मोबाइल नंबरों का प्रयोग करते थे।


नोएडा से दो आरोपी गिरफ्तार:
STF ने गहन तकनीकी विश्लेषण व साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई करते हुए नोएडा से दो आरोपियों – नितिन गौर (34) व निक्कू बाबू (29) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इनके देशभर के बैंकों में 18 से 20 करेंट अकाउंट्स हैं और विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों से भी संपर्क है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का 2 नवंबर को एक दिवसीय हल्द्वानी दौरा: NKB TIMES के लॉन्चिंग समारोह में करेंगे शिरकत


बरामदगी:
पुलिस ने इनके पास से बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण व दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
• 01 टैब, 04 मोबाइल फोन,
• 06 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड,
• आधार व पैन कार्ड, 02 पेन ड्राइव,
• 05 MPOS मशीनें, 05 QR साउंड बॉक्स,
• 14 QR स्कैनर, 06 चेक बुक, 02 मुहरें (NG Traders)
• मैट्रो कार्ड व अन्य सामग्री।


पुलिस टीम:
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक देवेन्द्र नबियाल, उप निरीक्षक मुकेश चन्द, हेड कांस्टेबल दिनेश पालीवाल, कांस्टेबल नितिन रमोला और अभिषेक भट्ट शामिल थे।

यह भी पढ़ें 👉  बिना नंबर प्लेट फर्राटा भरने वाले बाइकर्स पर काशीपुर पुलिस का हंटर: एक दर्जन मोटरसाइकिलें सीज


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF नवनीत सिंह ने की जनता से अपील:
एसएसपी श्री नवनीत सिंह ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट योजना, जॉब ऑफर या कस्टमर केयर नंबर गूगल से खोजकर उन पर विश्वास न करें। किसी अंजान लिंक, वेबसाइट या एप्लिकेशन पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। उन्होंने बताया कि यदि कोई संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

Ad_RCHMCT