जस्सागाँजा में अनियंत्रित डंपरों के खिलाफ ग्रामीणों का संघर्ष तेज: 16 दिनों से जारी धरने के बाद अब क्रमिक अनशन का ऐलान

ख़बर शेयर करें -

जस्सागाँजा: स्थानीय निवासियों द्वारा गांव में बेरोकटोक दौड़ रहे अनियंत्रित डंपरों के खिलाफ शुरू किया गया आंदोलन अब और अधिक उग्र हो गया है। पिछले 16 दिनों से लगातार जारी 24 घंटे के धरना प्रदर्शन के बावजूद शासन और प्रशासन की चुप्पी से नाराज ग्रामीणों ने अब क्रमिक अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है।
​ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि क्रमिक अनशन के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगामी समय में आमरण अनशन (भूख हड़ताल) शुरू करने को मजबूर होंगे।
​प्रशासन की चुप्पी पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश
​ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में चल रहे डंपरों के कारण न केवल सड़क सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है, बल्कि धूल और शोर के कारण जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्यवाही न होने से आंदोलनकारियों में भारी रोष व्याप्त है।
​आंदोलन को मिल रहा जनसमर्थन
​मंगलवार को इस संघर्ष को और मजबूती मिली जब आंदोलन स्थल पर कई प्रमुख हस्तियों ने पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया। धरने को समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग शामिल रहे:
​जनप्रतिनिधि और प्रमुख हस्तियां: ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य (जस्सागाँजा) राम सिंह जलाल, पूर्व ग्राम प्रधान निधि मेहरा और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ललित कडाकोटी।
​अन्य उपस्थित ग्रामीण: संजय नेगी, दिलीप सिंह मेहरा, सपना जोशी, हेमा मेहरा, अनिता बिष्ट, हेमा जलाल, बिमला बिष्ट, चम्पा देवी, बसंती देवी, लछूली देवी, बीना नेगी, दीपा नेगी, अंजना जोशी, पुष्कर जोशी, राजू बिष्ट और अमित मेहरा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
​ग्रामीणों का संकल्प: “16 दिनों से हम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन शासन के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। क्रमिक अनशन हमारा अगला कदम है, लेकिन यदि सरकार ने फिर भी हमारी मांगों को अनदेखा किया, तो गांव के लोग भूख हड़ताल शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे।”
​आगामी दिनों में ग्रामीणों का यह आंदोलन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। क्षेत्र के लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या क्रमिक अनशन के बाद प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा या स्थिति और विकट होगी।

Ad_RCHMCT