कौन बना सबसे ताकतवर मंत्री? विभागों के बंटवारे ने खोले कई बड़े राज

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उत्तराखंड में  मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का औपचारिक बंटवारा कर दिया है। इस फेरबदल में कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे सरकार के कामकाज को और प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।

सबसे प्रमुख रूप से, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को कई अहम और बड़े विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें वित्त, शहरी विकास, आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। ये सभी विभाग पहले प्रेमचंद अग्रवाल के पास थे। इस बदलाव को सरकार के भीतर शक्ति संतुलन और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है।

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वहीं, खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और निर्वाचन जैसे जनहित से जुड़े विभाग दिए गए हैं। इन विभागों के जरिए राज्य के विभिन्न वर्गों के कल्याणकारी योजनाओं को गति देने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।

इसके अलावा, भरत सिंह चौधरी को परिवहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग सौंपे गए हैं। इन विभागों का सीधा संबंध राज्य में रोजगार और औद्योगिक विकास से है, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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प्रदीप बत्रा को पेयजल, जनगणना और पुनर्गठन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पेयजल जैसे बुनियादी मुद्दे पर उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रहती है।

वहीं, राम सिंह कैड़ा को आयुष एवं आयुष शिक्षा, ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा विभाग सौंपे गए हैं। ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा जैसे विभाग राज्य के दीर्घकालिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

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मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के इस बंटवारे को राज्य सरकार के आगामी विकास एजेंडे के अनुरूप एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

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