जातिवादी नफरत की बलि चढ़ा 17 वर्षीय केतन लाल; महिला एकता मंच ने रामनगर में फूंका विरोध का बिगुल

ख़बर शेयर करें -


विषय: टिहरी गढ़वाल में दलित युवक केतन लाल की नृशंस हत्या के विरोध में महिला एकता मंच का प्रदर्शन; दोषियों को कड़ी सजा की मांग।

उत्तराखंड के टिहरी जिले के देवल गांव निवासी केतन लाल (17) की जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त लोगों द्वारा की गई निर्मम हत्या के विरोध में आज ‘महिला एकता मंच’ ने रामनगर-लखनपुर स्थित क्रांति चौक पर धरना-प्रदर्शन किया।

सभा को संबोधित करते हुए महिला नेत्री कौशल्या ने कहा कि केतन लाल का ‘अपराध’ केवल इतना था कि उसने सवर्ण जाति की एक युवती से प्रेम किया था। युवती के परिजनों ने धोखे से बातचीत के बहाने केतन लाल और उसके मित्र दिवाकर डिमरी को खेलगढ़ वल्ला गांव बुलाया। वहाँ दोनों को बंधक बनाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया, जिसके परिणामस्वरूप केतन लाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायल दिवाकर डिमरी का अस्पताल में उपचार चल रहा है। यह घटना कथित तौर पर उच्च जाति की एक नाबालिग लड़की के साथ उसकी दोस्ती के कारण घटी। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने केतन को बंधक बनाकर बुरी तरह प्रताड़ित किया, उसके नाखून उखाड़ दिए और उसके पैरों में कीलें ठोक दीं।

यह भी पढ़ें 👉  ​"20 साल पीछे टेढ़ा गाँव: सड़कों की अनदेखी के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण, राहुल सिंह दरम्वाल ने दिया संघर्ष में साथ"

कौशल्या ने कहा कि आज भी समाज में जातिवाद चरम पर है; दलित समुदाय के लोगों को गाँव, शहर, स्कूलों और कार्यस्थलों पर हर जगह भेदभाव झेलना पड़ता है, साथ ही कई स्थानों पर उन्हें किराए पर कमरे भी नहीं दिए जाते। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस जातिवादी नासूर को खत्म करने के लिए एक सामाजिक आंदोलन छेड़ा जाए।

सभा का संचालन करते हुए ललिता रावत ने कहा कि 21वीं सदी में भी जातिगत कट्टरता के कारण एक युवक की जान जाना पूरे समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि लोहाघाट में प्रेम राम नामक दलित टैक्सी चालक के साथ अन्य चालकों द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया। आरोप है कि प्रेम राम द्वारा यात्रियों से कम किराया लेने की बात से नाराज होकर अन्य चालकों ने उन्हें रास्ते में रोका, बेरहमी से पीटा और जूतों की माला पहनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल अपने वोट बैंक की स्वार्थी राजनीति के लिए देश और समाज में जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  न्याय के लिए आवाज: टिहरी में केतन लाल की नृशंस हत्या के विरोध में कल रामनगर के लखनपुर चौक पर होगा धरना प्रदर्शन

सीमा सैनी ने संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का कानून हर नागरिक को समानता और सुरक्षा का अधिकार देता है, लेकिन जातिवादी हिंसा के जरिए इसे कुचला जा रहा है।

भगवती आर्य ने इस बात पर जोर दिया कि झूठी ‘शान’ और संकीर्ण मानसिकता के खिलाफ समाज को संगठित होकर आवाज उठानी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने इस हत्याकांड की तुलना वर्ष 2022 में पनुवाधोखन गांव में हुए दलित युवक जगदीश की हत्या से की, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की कथनी और करनी में अंतर है—एक ओर ‘हिंदू राष्ट्र’ की बातें की जा रही हैं, तो दूसरी ओर दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामलों पर संवेदनहीनता बरती जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टी.सी. के निर्देशन में श्री कैंची धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बीडीएस (BDS) टीम ने संभाला मोर्चा

वक्ताओं ने मांग की कि जातिवादी उत्पीड़न और झूठी शान के इस मामले में एसपी और पुलिस थानों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में भेजकर अपराधियों को कड़ीतम सजा दी जानी चाहिए तथा मृतक केतन लाल के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर सभा को मुनीश कुमार (समाजवादी लोक मंच), विद्यावती शाह, कौशल्या चुनियाल (महिला एकता मंच), प्रभात ध्यानी (उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी), एडवोकेट कमलेश कुमार, जगजीवन राम (सेवानिवृत्त रेंज ऑफिसर), किरन आर्य (प्रगतिशील जन एकता मंच), महेश कुमार (बहुजन समाज पार्टी, विधानसभा अध्यक्ष) और रेबी राम (अंबेडकर जयंती समारोह समिति, रामनगर) भूवन ,रोहित रुहेला इंकलाबी मजदूर संगठन ने संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Ad_RCHMCT