मदमहेश्वर और तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथियां घोषित

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पंचकेदारों में शामिल द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट खोलने की तिथियों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। पंचांग गणना के आधार पर निर्धारित इन तिथियों के साथ ही चल विग्रह उत्सव डोलियों की यात्रा तिथियां भी तय कर दी गई हैं। कपाट खुलने की खबर से भक्तों में उल्लास का माहौल है।

भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियां 18 मई को ओंकारेश्वर सभा मंडप, उखीमठ में विराजमान की जाएंगी। इसके बाद 19 मई को शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर से डोली विधिवत मदमहेश्वर धाम के लिए प्रस्थान करेगी। विभिन्न यात्रा पड़ावों से होकर गुजरने के बाद डोली 21 मई को मदमहेश्वर धाम पहुंचेगी और उसी दिन मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोले जाएंगे।

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तीसरे केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट शुक्रवार, 2 मई को पूर्वाह्न 10:15 बजे (मिथुन लग्न) में खोले जाएंगे। यह घोषणा श्री मर्कंडेयेश्वर मंदिर, मक्कूमठ में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के दौरान आचार्य पुजारी विजय भारत मैठाणी ने की।

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डोली यात्रा का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

30 अप्रैल को डोली मक्कूमठ से भूतनाथ मंदिर पहुंचेगी और रात्रि प्रवास वहीं होगा।

1 मई को डोली भूतनाथ मंदिर से चोपता पहुंचेगी।

2 मई को प्रातः काल चोपता से तुंगनाथ धाम पहुंचेगी और पूर्वाह्न 10:15 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

कपाट खुलने की तिथियां घोषित होने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की अध्यक्षता में रावल निवास सभागार, उखीमठ में मंदिर समिति कर्मियों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें आगामी यात्रा सत्र की तैयारियों की समीक्षा की गई।

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मुख्य कार्याधिकारी ने मदमहेश्वर और तुंगनाथ मंदिरों के कपाट खुलने पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति यात्रा मार्गों, धर्मशालाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।

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