यहां गुलदार ने मवेशियों को बनाया अपना निवाला, गांव में मचा हड़कंप

ख़बर शेयर करें -

राज्य के पर्वतीय इलाकों में वन्य जीवों से आम इंसानों को खतरा होता ही है और वन्य जीव के हमलों की खबरे सामने आती रहती है और एक ऐसा ही मामला गढ़वाल मंडल के ऋषिकेश के सामने आया है यहां की ग्राम सभा भट्टोवाला में ग्रामीण इन दिनों गुलदार की दस्तक से खौफजदा हैं और दहशत में जी रहे हैं।बीते दिन ग्राम सभा भट्टोवाला में रहने वाले विजय सिंह राणा के मवेशियों को गुलदार ने अपना निवाला बना दिया जिसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

यह भी पढ़ें 👉  'विश्व बाघ दिवस' पर सीएम धामी का आह्वान: जनभागीदारी से ही प्लास्टिक मुक्त बनेगा उत्तराखंड; बाघ आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का विमोचन

लोगों ने ग्राम प्रधान दीपा राणा को सूचित किया और मौके पर ग्राम प्रधान दीपा राणा एवं वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। वहीं गुलदार की दस्तक के बाद से ही ग्रामीणों के बीच में गुस्सा चरम पर है।

ग्रामीणों ने वन विभाग पर इल्जाम लगाते हुए कहा है कि वन विभाग लापरवाही बरत रहा है और जंगली जानवरों की आबादी क्षेत्र में आने को लेकर जरा भी गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने जल्द ही विभाग से जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है

यह भी पढ़ें 👉  80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर सचिवालय में बैठक: प्रदेशभर में होंगे भव्य कार्यक्रम; मुख्य सचिव ने दिए जनभागीदारी और खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश


बता दें कि पिछले कई वर्षों से लगातार जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्र में घुसकर मवेशियों को और ग्रामीणों को अपना शिकार बना चुके हैं मगर इसके बाद भी वन विभाग द्वारा कोई भी सख्त कार्यवाही नहीं की जा रही है

जिसकी वजह से लगातार आबादी क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। अब ऋषिकेश में कई दिनों से गुलदार सक्रिय हो रखा है और खुलेआम घूमता हुआ नजर आ रहा है।

भट्टोवाला में रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग कोई भी सख्त कदम नहीं उठा रहा है। ग्राम प्रधान दीपा राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते सोमवार को ही घटना गुलदार के हमले की पहली घटना नहीं है

यह भी पढ़ें 👉  सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक: लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज; मुख्यमंत्री धामी ने पेयजल व जल जीवन मिशन की शिकायतों पर जताई कड़ी नाराजगी

इससे पहले भी कई बार गुलदार के द्वारा गाय, बकरी और पालतू कुत्तों को अपना शिकार बनाया जाने के मामले सामने आए हैं मगर इसके बावजूद भी वन विभाग की ओर से कोई भी सख्त कदम नहीं लिया जाता है

Ad_RCHMCT