मूल निवास और भू कानून को लेकर महारैली, उठी ये मांगें

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उत्तराखंड में मूल निवास और भू-कानून के मुद्दों के साथ गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर रविवार को भू-कानून समन्वय समिति द्वारा एक भव्य महारैली का आयोजन किया गया। इस दौरान रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए और अपने विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांगों को जोरदार तरीके से पेश किया।

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समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में नौकरी, रोजगार, जल, जंगल और जमीन पर बाहरी लोगों का कब्जा हो गया है। उन्होंने बताया कि बाहरी लोगों की संख्या अब 40 लाख से अधिक हो चुकी है, जो स्थानीय निवासियों की समस्याओं को बढ़ा रही है। मोहित डिमरी ने प्रदेश में 1950 के मूल निवास कानून को लागू करने और सख्त भू-कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तो समिति की ओर से आंदोलन की तैयारी की जाएगी। रैली में शामिल लोगों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर सशक्त संदेश दिया। प्रदर्शनकारियों ने यह स्पष्ट किया कि वे प्रदेश की स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता देने और बाहरी प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं।

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