उत्तराखंड विधान सभा का मानसून सत्रः दूसरे दिन 11321 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, विपक्ष ने आपदा और डेंगू पर घेरा

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देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन बुधवार प्रातः 11:00 बजे से पंचम विधानसभा 2023 के द्वितीय सत्र की कार्यवाही प्रारंभ हुई। सरकार ने सदन में 11321 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया।

सीएम धामी की मौजूदगी में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने शाम चार बजे बजट सदन पटल पर रखा। नियम 58 के तहत मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विपक्ष को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि  इस बार बारिश बहुत ज्यादा हुई है। 2023-24 में वर्तमान तक 45650 प्रभावित परिवार को 30.40 करोड़ की धनराशि दी गई है।  हरिद्वार का सर्वे जारी। राज्य आपदा मोचन निधि से 301 करोड़ अग्रिम रूप से आवंटित किए।  प्रदेश में बारिश के कारण 111 जनहानि हुई, 172 लोग घायल हुए। प्रदेश में बारिश से 1344 करोड़ का नुकसान हुआ है। आपदा के लिए दो हेलीकॉप्टर लगाए गए थे। जोशीमठ में 150 परिवार को 33.50 करोड़ की सहायता राशि दी गई। 296 प्रभावित परिवार को राहत कैंप में रखा गया। 324 परिवार को 1 लाख प्रति परिवार की दर से अतिरिक्त राहत। सामान स्थानांतरित करने को 50 हजार प्रति परिवार दिया गया है।

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ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने कहा कि आपदा ने सरकार की कलई खोल दी है। 20 दिन तक ट्रांसफार्मर नहीं रखे गए। आपदा में किसी प्रकार की मदद नहीं मिली।  खेत बह गए। किसानों की मदद को कोई तैयार नहीं। आपदा में मुआवजे की राशि बढ़ाई जाए। यूपी की तर्ज पर किसानों की एक साल की बिजली माफ हो और उनका ऋण भी माफ हो। पूरे हरिद्वार जिले के साथ ही प्रदेश को आपदा क्षेत्र घोषित किया जाए। विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि हर जिले में प्रभारी मंत्री बनाये गए हैं, लेकिन कोई भी बैठक आपदा से पूर्व नहीं ली जाती है। इस बार बरसात में 60 फीसदी लोगों के घरों में पानी भरा।  पूरे तराई क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। रजिस्ट्री की जमीन के बह जाने के बाद महज 1.25 लाख मुआवजा दिया जाता है। वहीं, विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि तटबंधों के लिए आपदा का इंतजार किया जाता है। हरिद्वार के कांगड़ी गांव बहने की कगार पर है। तटबंध बनाने के लिए कट्टे मिट्टी से भरकर रखते हैं। किसानों को मात्र 1175 प्रति बीघा मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि कम से कम 15 हजार का खर्च आता है।

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भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई। नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा ने नियम 58 में आपदा के नुकसान को लेकर कहा कि दीर्घकालिक व्यवस्था हे चाहिए। गांव में बाढ़ आने पर हम लोग बचाव की बात करते हैं। जिन किसानों की जमीन चली गई। क्या वो वापस आएगी। सरकार ने कितना मुआवजा दिया। उन्होंने सरकार को स्थायी हल निकालने की मांग की।  स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि  प्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में डेंगू के मामले कम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 900 से ज्यादा एक्टिव केस है।