अब मेडिकल कॉलेजों में नहीं रहेगी सुपर स्पेशियलिटी एवं रेडियोलॉजी विभागों में फैकल्टी की कमी

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उत्तराखंड सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संविदा पर तैनात सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के वेतन में वृद्धि की घोषणा की है। इस निर्णय से मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी और रेडियोलॉजी विभागों में फैकल्टी की कमी को दूर किया जा सकेगा। 

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि नए वेतनमान के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में प्रोफेसरों को अधिकतम 4 लाख रुपये, एसोसिएट प्रोफेसरों को 3.2 लाख रुपये, असिस्टेंट प्रोफेसरों को 2.2 लाख रुपये और सीनियर रेजीडेंट्स को 1.5 लाख रुपये का मानदेय मिलेगा।

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 पर्वतीय क्षेत्रों में प्रोफेसरों को 5 लाख रुपये, एसोसिएट प्रोफेसरों को 4 लाख रुपये, असिस्टेंट प्रोफेसरों को 3 लाख रुपये और सीनियर रेजीडेंट्स को 2 लाख रुपये तक का मानदेय मिलेगा। 

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वेतन वृद्धि के साथ ही, संविदा पर तैनात फैकल्टी के कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रतिवर्ष मानदेय में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा, प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जो आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत अर्जित क्लेम से संबंधित होगी। 

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डॉ. रावत ने इस कदम से पर्वतीय क्षेत्रों में फैकल्टी की कमी को दूर करने और मेडिकल छात्रों के पठन-पाठन को निर्बाध बनाए रखने की उम्मीद जताई है।

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