राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उत्तराखण्ड में गरिमामय कार्यक्रमों का आयोजन कर दोनों महान विभूतियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में बापू और शास्त्री जी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनका नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के सत्य, अहिंसा और मानवता के शाश्वत विचार आज भी समाज में शांति और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रासंगिक हैं। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और उनके अमर उद्घोष ‘जय जवान, जय किसान’ का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि जवानों और किसानों का सम्मान राष्ट्र की संप्रभुता और प्रगति का मूल आधार है।

उधर, राज्य सचिवालय परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कार्मिकों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान भातखंडे संगीत महाविद्यालय के कलाकारों एवं विद्यार्थियों द्वारा गांधी जी के प्रिय भजन “वैष्णव जन तो तेने कहिये” का भावपूर्ण गायन प्रस्तुत किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने दोनों राष्ट्रनायकों के सत्य, ईमानदारी, सादगी और निस्वार्थ जनसेवा के आदर्शों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पूरी निष्ठा के साथ आत्मसात करने का संकल्प लिया।




