मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर स्थित शहीद स्थल रामपुर तिराहा और देहरादून के कचहरी परिसर में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। 01 और 02 अक्टूबर 1994 की रात दिल्ली जा रहे निहत्थे आंदोलनकारियों पर हुए अत्याचार को राज्य के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीयंत्र टापू के शहीदों के सर्वोच्च बलिदान तथा मातृशक्ति के अभूतपूर्व संघर्ष से ही अलग उत्तराखण्ड का निर्माण संभव हुआ। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राज्य का निर्माण करना ही अमर बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

रामपुर तिराहा में आयोजित मुख्य श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य आंदोलन के जिन शहीदों की प्रतिमाएं अब तक स्थापित नहीं हो पाई हैं, उन्हें उनके पैतृक गांव अथवा गृह क्षेत्र में उपयुक्त स्थानों पर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही रामपुर तिराहा में ₹27 लाख की लागत से शहीदों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने परिसर स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, पुस्तकालय को आधुनिक ई-लाइब्रेरी में बदलने तथा संग्रहालय के विस्तार की भी घोषणा की, जिसमें उत्तराखण्ड के लोक संगीत, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और वेशभूषा को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, स्मारक के लिए भूमि दान देने वाले स्व. पंडित महावीर शर्मा के योगदान को नमन करते हुए कठिन समय में आंदोलनकारियों को शरण देने वाले स्थानीय लोगों का भी आभार व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके परिजनों के मान-सम्मान व हितों के संरक्षण के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ देते हुए नियुक्तियां दी गई हैं तथा आश्रित प्रमाण पत्र निर्गमन को सरल बनाकर तहसील स्तर पर जारी करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, छूटे हुए आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी। राज्य में सड़कों व विद्यालयों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने, रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा देने तथा रामपुर तिराहा, खटीमा, मसूरी और देहरादून स्थित शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण व विस्तारीकरण का कार्य भी प्राथमिकता से किया जा रहा है।




