चार धाम यात्रा में अब तक हुई इतने श्रद्धालुओं की मौत

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उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने के साथ ही अब धीरे-धीरे चार धाम यात्रा में मौत के आंकड़े के बढ़ते जा रहे हैं। राज्य में तीन मई से शुरु हुई इस यात्रा में अब तक 56 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।


उत्तराखंड में चार धाम यात्रा पर इस बार रिकार्ड श्रद्धालु पहुंच रहें हैं। लेकिन इस बीच यात्रा के दौरान मौतों का सिलसिला भी लगातार बढ़ता जा रहा है।


आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड चार धाम यात्रा के दौरान अब तक कुल 56 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतों विभिन्न कारणों से हुई है। अधिकतर की मौत स्वास्थ कारणों से हुई है।

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शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे गुजरात के सूरत निवासी 58 वर्षीय भानु भाई की हार्ट अटैक के चलते मौत हो गई है। राज्य में चार धाम यात्रा के दौरान मरने वाले 56 लोगों में से 54 की मौत हार्ट अटैक से हुई है।


केदारनाथ में भी शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से दो लोगों की मौत रिपोर्ट की गई। केदारनाथ धाम में अब तक 23 लोगों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो चुकी है।

हार्ट अटैक क्यों आता है –
चिकित्सकों की माने तो उत्तराखंड के चारों धाम ऊंचाई पर स्थित है। आमतौर पर मैदानी इलाकों में रहने वालों को इस तरह की हाई एल्टिट्यूड पर पैदल चढ़ाई की आदत नहीं होती है।

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चूंकी ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन का लेवल भी कम होता है लिहाजा दिल पर अधिक दबाव पड़ने लगता है। एक तो चढ़ाई और दूसरा ऑक्सीजन की कमी।
ऐसे में अधिक उम्र वाले को दिक्कत होने की आशंका बनी रहती है। आमतौर पर लोग जल्द से जल्द पहुंचने की कोशिश में रहते हैं और ये अधिक मुश्किल में डाल देता है।

हार्ट अटैक से कैसे बचें?
अगर आपकी उम्र अधिक है और आपको दिल से जुड़ी बीमारी है तो आपको अपने स्वास्थ की जांच कराए बिना चार धाम यात्रा पर नहीं जाना चाहिए।
बल्ड प्रेशर और शुगर की जांच जरूर करा लें।

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कोई अन्य समस्या हो तो अपने डाक्टर से यात्रा के पहले सलाह जरूर लें


अगर दवाओं का सेवन करते हैं तो अपनी दवाएं साथ रखना न भूलें


बहुत जल्दी में पैदल यात्राएं न करें। शरीर को ऊंचाई वाले स्थानों के अनुरूप ढलने का समय दें।

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