श्री “जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल” के उदघोष के बीच गुरूद्वारा श्री हेमकुंट साहिब के द्वार खुले

ख़बर शेयर करें -

जोशीमठ/ गोपेश्वर
प्रसिद्ध गुरूद्वारा हेमकुंट साहिब की यात्रा आज से शुरू हो गयी है। आज प्रात: दस बजे श्री “जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल” के उदघोष के बीच गुरूद्वारा श्री हेमकुंट साहिब के द्वार खुल गये है।

कपाट खुलने के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने अरदास की तथा गुरू ग्रंथ साहिब का पाठ किया।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर में राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ: उत्तराखंड के सांस्कृतिक अतीत, धार्मिक वैभव और चिंतन धाराओं पर मंथन

इस अवसर पर गुरूद्वारा हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के पदाधिकारी गण तथा हजारों श्रद्धालुगण मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि हेमकुंट साहिब के लिए भी श्रद्धालुओं हेतु पंजीकरण अनिवार्य है मार्ग में अभी भी बर्फ जमी है सेना ने बड़ी मशक्कत के बाद हेमकुंट साहिब तक पहुंचने का मार्ग बनाया है।

यह भी पढ़ें 👉  ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी! नैनीताल पुलिस ने चलाया सघन चेकिंग अभियान, 73 वाहन किए सीज

17 मई बुद्धवार को हेमकुंट साहिब गुरुद्वारा ऋषिकेश से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल अवकाश प्राप्त गुरूमीत सिंह जी तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंज प्यारों तथा निशान साहिब को रवाना किया था।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, वन मंत्री सुबोध उनियाल, शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल गुरू द्वारा श्री हेमकुंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सरदार नरेन्द्र जीत सिंह बिंद्रा,सरदार सेवा सिंह आदि मौजूद रहे। बीते शुक्रवार को जत्था घांघरिया पहुंचा था तथा आज सुबह घांघरिया से कपाट खोलने हेतु हेमकुंट पहुंच गया।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर: पम्पापुरी समेत 4 कॉलोनियों के नियमितीकरण की राह हुई आसान, धारा 48 के तहत बंदोबस्ती और ड्रोन सर्वे पूरा

हेमकुंट साहिब के निकट आज ही प्रसिद्ध श्री लोकपाल तीर्थ लक्ष्मण जी मंदिर के कपाट भी खुल गये है।

Ad_RCHMCT