चरणदास चोर,सावित्रीबाई फुले नाटकों के साथ हुआ थियेटर कार्यशाला का समापन…………।।

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चन्द्रशेखर जोशी

रामनगर-रचनात्मक शिक्षक मंडल की पहल पर जश्न ए बचपन के तहत एम पी इंटर कालेज में हुई पांच दिवसीय थियेटर,पेंटिंग और सिनेमा कार्यशाला का विधिवत समापन आज तीन नाटकों के साथ हुआ।प्रतिभागी बच्चों द्वारा सावित्रीबाई फुले,चरणदास चोर और चाय और  सहमति नाटक प्रस्तुत किए गए।कार्यक्रम की शुरुआत प्राची बंगारी,कोमल सत्यवली,हिमानी बंगारी और करन सत्यवली द्वारा गाए गए गीतों से हुई। दिल्ली से आए हुए थियेटर एक्सपर्ट धनंजय ,प्रेम,अंतरिक्ष शर्मा,नंदिनी लावण्या ने अपने अनुभवों को साझा किया।

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सावित्रीबाई फुले नाटक में बालिका शिक्षा के लिए सावित्रीबाई के संघर्ष को दिखाया गया। सावित्रीबाई फुले के रूप में शबनम, अंजली, काव्या,ज्योतिबा फुले के रूप में कृतज्ञ रजवार,सुजल ,मोहित ज्योतिबा के पिता के रूप में आरिश ने यादगार भूमिका निभाई।चरणदास चोर छत्तीसगढ़ी लोककथा पर आधारित एक ऐसे चोर की कहानी है, जो मजाक ही मजाक में अपने गुरुजी को सच बोलने का वचन दे देता है और इसके साथ ही चार प्रतिज्ञाएं भी करता है। प्रतिज्ञाएं थीं कि कभी सोने की थाली में खाएगा नहीं, न ही कभी किसी रानी से शादी करेगा, कभी हाथी में बैठकर जुलूस में भी नहीं निकलेगा, न ही कभी किसी देश का राजा बनेगा।

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इस नाटक में श्वेता नेगी,संजना बिष्ट,संजय बिष्ट ,आकांक्षा सुंदरियाल,खुशी बिष्ट ने शानदार भूमिका निभाई।तीसरा नाटक था,चाय और सहमति।इस नाटक में जीवन में दूसरे की सहमति का कितना महत्व है को दिखाया गया। इस नाटक के पात्र ढेला से आए प्राची बंगारी,हिमानी बंगारी,कोमल सत्यवली, करन सत्यवली की सधी हुई एक्टिंग ने सबका मन मोह लिया।कार्यक्रम के दौरान प्रो गिरीश चंद्र पंत,नवेंदु मठपाल,नंदराम आर्य,
धनंजय ,प्रेम,अंतरिक्ष शर्मा,नंदिनी लावण्या,सुभाष गोला,प्रभात ध्यानी, खीमसिंह रजवार,उमा ध्यानी, हेम पांडे,पुष्पा मठपाल,सुमित कुमार,चारू चंद्र पांडे मौजूद रहे।