उत्तराखंड-यहां ध्वस्तीकरण का विरोध, जमकर की नारेबाजी

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जोशीमठ में होटलों को गिराने का विरोध शुरु हो गया है। लोग धरने पर बैठ गए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरु हो गई है। लोग मुआवजे की मांग कर रहें हैं।


दरअसल जोशीमठ में दो होटलों को सबसे पहले ध्वस्त करने की तैयारी की गई। आज सुबह से ही इन दोनों होटलों को गिराने को लेकर तैयारी हो रही थी लेकिन अलग अलग टीमों के निरीक्षण के चलते लगातार विलंब होता रहा।

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इस बीच लोगों की नाराजगी बढ़ती गई। लोगों का आरोप है कि सरकार ने मुआवजा दिया नहीं और होटलों को तोड़ने पहुंच गई। वहीं होटल मालिकों का आरोप है कि कभी किसी ने उन्हें निर्माण से नहीं रोका लेकिन अब कह रहें हैं कि इस इलाके में इतने बड़े होटल बन ही नहीं सकते।

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स्थानीय लोग रात में होटलों के ध्वस्तीकरण को लेकर भी सवाल उठा रहें हैं। सवाल उठ रहें हैं कि आखिर प्रशासन रात में क्यों ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहा है।


इससे पहले भी लोगों ने बद्रीनाथ हाईवे को जाम कर विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में लोगों हाईवे जाम कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही NTPC के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहें हैं।

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लोगों का विरोध पुनर्वास की तैयारियों को लेकर भी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार ने पुनर्वास की अधूरी तैयारी की है।

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