मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब परिसर में पहुंचकर आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में श्रमदान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छता को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न मानकर अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इससे पहले उन्होंने गुरुद्वारे में मत्था टेककर प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि, खुशहाली और आरोग्य की कामना की, जहां गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा उन्हें पारंपरिक सरोपा एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु व पर्यटक आते हैं। ऐसे में पवित्र तीर्थ स्थलों के साथ-साथ बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, चिकित्सालयों और सरकारी कार्यालयों जैसे सभी सार्वजनिक परिसरों की नियमित स्वच्छता बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) से प्रारंभ ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उल्लेख करते हुए रेखांकित किया कि सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी को निरंतर प्रयासों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।




