उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों का सर्वे और मैपिंग कराने की तैयारी

ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड में वक्फ की संपत्तियों का सर्वे कराने की योजना तैयार की जा रही है, जो एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सर्वे से प्रदेश की वक्फ संपत्तियों की पूरी स्थिति का स्पष्ट चित्र सामने आएगा, जिसे पहले 1984 में एकीकृत यूपी के दौरान एकत्रित किया गया था। अब, लंबे समय बाद यह सर्वे जिला प्रशासन के माध्यम से शुरू किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  80वें स्वतंत्रता दिवस पर परेड ग्राउंड में सीएम धामी ने फहराया तिरंगा: 7 बड़ी घोषणाएं—प्रदेश में बनेगा 'युवा आयोग', 3 पर्वतीय जिलों में इंडस्ट्रियल पार्क और शुरू होगा 'बाल वीरता पुरस्कार'

उत्तराखंड के चार प्रमुख जिलों—देहरादून, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार—में वक्फ की संपत्तियां मौजूद हैं, जिनमें से 27 तहसीलों में से 20 में वक्फ की संपत्तियां पाई जाती हैं। इन संपत्तियों में अधिकांशत: सुन्नी समुदाय की हैं, जिनसे हर साल एक करोड़ रुपये की आय होती है।

यह भी पढ़ें 👉  लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: सीएम धामी ने उत्तराखंड के पदक विजेताओं और कोचों को किया सम्मानित; कहा— "खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच देना प्राथमिकता"

सरकार का यह निर्णय है कि अब वक्फ संपत्तियों का सर्वे कराने के साथ-साथ इनकी मैपिंग भी की जाएगी। यह सर्वे संपत्तियों की स्थिति, क्षेत्रफल, भवन की संख्या, भूमि का आकार, अतिक्रमण की स्थिति और इन संपत्तियों के उपयोग के तरीके जैसी महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र करेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह काम जिला प्रशासन के सहयोग से पूरा किया जाएगा, ताकि वक्फ संपत्तियों का सही और व्यापक सर्वेक्षण हो सके।

यह भी पढ़ें 👉  80 वें स्वतंत्रता दिवस पर सीएम आवास में गूंजा 'वंदेमातरम्': मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ध्वजारोहण, दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ

यह पहल वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और उनका सही तरीके से उपयोग सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, साथ ही यह राज्य के विकास और समाज की भलाई में भी योगदान करेगी।

Ad_RCHMCT