भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे निलंबित आइएफएस और हरिद्वार के पूर्व डीएफओ किशनचंद में विजिलेंस ने कसा शिकंजा

ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड में सरकारी महकमे में काम कर रहे कर्मचारियों के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहते हैं जिसको लेकर विजिलेंस की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की थी जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे निलंबित आइएफएस और हरिद्वार के पूर्व डीएफओ किशनचंद में विजिलेंस ने शिकंजा कस दिया है। हल्द्वानी विजिलेंस कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद किशन चंद की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस की टीम ने दिल्ली और मेरठ में छापेमारी की।

यह भी पढ़ें 👉  दुग्ध उत्पादकों के लिए 30 करोड़ की सौगात, मुकेश बोरा ने जताया आभार


एक दूसरी टीम हरिद्वार में डेरा डाले पड़ी है। किशन चंद की पत्नी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बृज रानी समेत परिवार के सभी सदस्य फरार बताए जा रहे हैं। इसलिए विजिलेंस जल्द ही कुर्की की कार्रवाई करने की तैयारी में है।


निलंबित आइएफएस किशनचंद को भाजपा के पूर्व विधायक व रविदास आचार्य सुरेश राठौर ने बीते माह उत्तरी हरिद्वार में एक भव्य आयोजन कर अपने रविदास अखाड़े में महामंत्री बनाया था। इसके बाद भी किशनचंद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

यह भी पढ़ें 👉  ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी! नैनीताल पुलिस ने चलाया सघन चेकिंग अभियान, 73 वाहन किए सीज


किशन चंद पर कालागढ़ रेंज में तैनाती के दौरान मोरघट्टी व पाखरो में अवैध तरीके से निर्माण कार्य कराने के साथ हरे पेड़ों के कटान और सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी बिल बनाकर ठेकेदारों को भुगतान करने का आरोप लगा था। विभागीय जांच में सभी आरोप सही पाए गए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखण्ड: राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी दिनेश आर्य ने किया नामांकन, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रहे मौजूद


इसके बाद किशन चंद्र को निलंबित कर दिया गया था। विजिलेंस की टीम ने नैनीताल और दिल्ली में छापेमारी करने के साथ ही हरिद्वार में भी घेराबंदी तेज कर दी है।


फिलहाल किशनचंद के घर और कलियर-सोहलपुर मार्ग पर स्थित बृज इंटरनेशनल स्कूल पर भी ताला लटका हुआ है। विजिलेंस के एक अधिकारी ने बताया कि किशनचंद की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

Ad_RCHMCT