शिक्षक दिवस पर विशेष-200 से अधिक इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में ले आया एक सरकारी शिक्षक……………….

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चन्द्रशेखर जोशी

राजकीय इंटर कालेज ढेला में अंग्रेजी प्रवक्ता,अपने विषय में लगातार शत प्रतिशत परीक्षाफल देने वाले नवेंदु मठपाल पिछले 15 वर्षों से बच्चों के साथ थियेटर,सिनेमा व अन्य गतिविधियों के साथ साथ अनेकानेक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मध्य अक्टूबर 21 में कोसी में आई भयंकर बाढ़ के बाद कोसी से लगे क्षेत्र के 1000 बच्चों की अपनी टीम रचनात्मक शिक्षक मंडल के साथ मिलकर सहायता की।इसी दोरान शिक्षक मंडल ने नवेंदु मठपाल के नेतृत्व मेंसामाजिक आर्थिक रूप से वंचित समुदायों के लिए सावित्रीबाई फुले सांयकालीन स्कूल व ज्योतिबाफुले सांयकालीन स्कूल खोल रामनगर के नजदीक पूछडी गांव के 300 से अधिक बच्चों को जोड़ उनकी निशुल्क संयकालिन स्कूल की व्यवस्था की।5 स्थानीय नौजवानों को बतौर शिक्षक भी रखा गया।

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वर्तमान में शिक्षक मंडल की टीम कार्बेट के जंगलों के मध्य स्थित गांव पटरानी में बालिकाओं के लिए एक कंप्यूटर सेंटर भी संचालित करती हैं।नवेंदु मठपाल अपने विद्यालय राजकीय इंटर कालेज ढेला में 30 बच्चों की थियेटर टीम उज्यावक दगड़ी,(उजाले के साथ) भी चलाते हैं। जो साहित्यिक ,सांस्कृतिक गतिविधियों में देहरादून,दिल्ली तक जा चुकी है।मठपाल शिक्षा व शिक्षकों के साथ रचनात्मक गतिविधि करने फोरम रचनात्मक शिक्षक मंडल के राज्य संयोजक हैं। कोरोना काल में 400 से अधिक बच्चों का ग्रुप जश्न ए बचपन के माध्यम से बच्चों के साथ
ऑनलाइन काम किया।

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शिक्षक मंडल की टीम रामनगर शहर व उसके आसपास स्कूली बच्चों के लिए 15 पुस्तकालय भी संचालित करती है
सांयकालीन स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षक मंडल की टीम द्वारा शिक्षण सामग्री व ड्रेस भी दी जाती हैं।ये सांयकालीन स्कूल पूर्णत जनसहयोग से चलते हैं।